रिया की लीगल टीम ने बयान जारी कर उनका पक्ष रखा है। इस बयान के मुताबिक, रिया और सुशांत पिछले कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे। इन सालों में दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी और दोनों बातें भी किया करते थे। अप्रैल 2019 में रिया और सुशांत एक पार्टी में मिले। इसके तुरंत बाद वे एक-दूसरे को डेट करने लगे।

रिया न तो आदित्य ठाकरे को जानती है और न ही कभी भी आदित्य से मिली है।

रिया की चुप्पी को उनकी कमजोरी नहीं समझनी चाहिए। सुशांत का परिवार शिक्षित है और परिवार में एक आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह भी हैं। आरोपों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और गलत उद्देश्यों के लिए गढ़ा गया है।

बिहार पुलिस की एफआईआर पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। रिया अवैध जांच का हिस्सा नहीं बन सकतीं।

वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच में सहयोग कर रही है। मुंबई पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय दोनों को रिया के सभी वित्तीय दस्तावेजों सौंप दिए गए हैं, जो स्पष्ट रूप से इस तरह के आरोपों को गलत साबित करते हैं।

रिया के खातों के समेत आयकर रिटर्न की जांच ईडी ने की है। अब तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं।

सुशांत के खातों से रिया ने एक रुपया भी ट्रांसफर नहीं किया है। उनके सभी आयकर रिटर्न की जांच पुलिस के साथ-साथ ईडी ने भी की है।

 

सुशांत की बहन ने दिसंबर 19 में उनके साथ छेड़छाड़ की, इसलिए आरोप महज कटुता के तौर पर लगाए गए हैं। रिया और सुशांत के परिवार के संबंध पहले से ही ठीक नहीं रहे हैं।

इस बयान में ये भी कहा गया है कि उन्हें सीबीआई जांच से किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।