ज्योतिष शास्त्र में शनि का विशेष महत्व होता है। किसी भी जातक की कुंडली का अध्ययन करते समय कुंडली में मौजूद शनि ग्रह को बहुत ध्यान से देखा जाता है। ज्योतिष के अनुसार जितना शनि देव कष्ट देते हैं उतना ही मालामाल भी करते हैं। शनि का नाम आते है लोगों के दिमाग में डर बैठ जाता है। किसी भी जातक की कुंडली में शनि कमजोर होने पर कई तरह की परेशानियां  आने लगती हैं। इसके अलावा जब-जब शनि का गोचर होता है तब तब इसका शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव सभी 12 राशियों पर भी होता है। इस समय शनि मकर राशि में हैं जहां वह उल्टी चाल यानी वक्री होकर चल रहे हैं। 29 सितंबर तक शनि उल्टी चाल में रहेंगे। शनि की उल्टी चाल से कई राशियों पर इसका असर हो रहा है। खासकर उन राशियों पर ज्यादा होगा जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हैं।

तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती
शनि इस समय मकर राशि में उल्टी चाल से चल रहे हैं। ऐसे में मौजूदा समय में शनि की साढ़ेसाती धनु, मकर और कुंभ राशि पर है। शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है। पहला, दूसरा और तीसरा। धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण मकर राशि पर दूसरा चरण और कुंभ राशि पर पहला चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती चलने पर कई तरह की परेशानियां आने लगती है। समय पर काम पूरा नहीं होता है। बीमारियां घेरे रहती हैं और आर्थिक संकट बना रहता है।