विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर प्रांगण से गिरफ्तार किया गया है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि विकास लखनऊ से जिस गाड़ी पर सवार होकर एमपी पहुंचा उसकी नम्बर प्लेट पर हाई कोर्ट लिखा हुआ है। गाड़ी किसी मनोज यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। शायद यही वजह कि उसे बाॅर्डर पार करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। वहीं वकील की पत्नी का कहना है कि मेरा और मेरे परिवार का विकास दुबे से दूर दूर तक कोई संबंध नहीं है। अब असलियत क्या है ये तो जांच के बाद ही सामने आएगा।

आठ पुलिस कर्मियों की मौत का जिम्मेदार विकास उज्जैन पुलिस के हाथ बड़ी आसानी से आ गया। पहले तो पुलिस को यकीन ही नहीं हुआ कि ये वहीं विकास दुबे है जिसने कानपुर में पुलिस कर्मियों पर घेर कर गोलियों की बौछार की थी। जिसमें आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। जिसके बाद से विकास फरार चल रहा था।