दहशतगर्द विकास दुबे को एक मंत्री ने शरण दी। कारोबारी का भी उसे साथ मिला और वो वकील के दिमाग से चलता रहा। उससे पूछताछ करने में शामिल कानपुर पुलिस के एक अधिकारी ने इसका खुलासा किया। योजना बनाकर उसे महाकाल मंदिर भेजकर उसकी गिरफ्तारी कराई गई।

नेताओं को ढाल बनाकर ही वो इतने दिनों तक फरार घूमता रहा। विकास दुबे से पूछताछ में राजनीतिक संरक्षण की पुष्टि हुई है। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक विकास के यूपी, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों के नेताओं से संबंध थे जिसका उसने हमेशा अपराधों में उनका इस्तेमाल किया। उनकी शह पर वारदातों को अंजाम दिया और बचता रहा। इस बार भी वही हुआ।