तिरुवनंतपुरमः प्रदेश के इडुक्की के राजमाला में हुए भूस्खलन में 5 व्यक्ति मारे गए हैं जबकि 10 लोगों को बचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम तैनात की गई है जहां शुक्रवार तड़के भारी बारिश भी हुई है।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि पेटीमुडी में हुए मलबे के अंदर 67 और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। उन्होंने बताया कि इडुक्की में कैंप कर रही एनडीआरएफ टीम को राजमाला में बचाव अभियान में शामिल होने के लिए निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिशूर में एनडीआरएफ की एक और टीम को तुरंत इडुक्की पहुंचने के लिए कहा गया है। पुलिस, अग्निशमन, वन और राजस्व अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राजमाला में बचाव अभियान को तेज करें। मलबे से तीन महिलाओं और एक पुरुष को बचाया गया है। उनकी पहचान पलानायम्मा (50), सीतलक्ष्मी (33), सरस्वती (50) और दीपन (25) के रूप में की गई है।

खबरों के अनुसार, 83 लोग इलाके में बागानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए बनाए गए आवासों में रह रहे थे। अधिकांश निवासी तमिलनाडु के मूल निवासी हैं। जिला कलेक्टर ने बताया कि बचावकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचें। पड़ोसी क्षेत्रों के अस्पतालों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया। जहां भूस्खलन हुआ है, वह मुन्नार से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। इस आरक्षित क्षेत्र की सड़क सुविधाएं सीमित हैं। बागानों की उपस्थिति के कारण ही मजदूरों को यहां रहने दिया गया है।