सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने रविवार को 83 दिनों के अंतराल के बाद कीमतों की दैनिक आधार पर फिर समीक्षा शुरू की है। इसके बाद से पिछले तीन दिनों से तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है।

पूरे देश में लागू लॉकडाउन के कारण जारी प्रतिबंधों में छूट के बाद ईंधन की मांग बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतों में मामूली तेजी की वजह से कीमतें बढ़ी हैं। लॉकडाउन में धीरे-धीरे छूट दिए जाने के बाद अब निजी वाहनों और ऑटो-टैक्सी आदि को चलने की अनुमति दे दी गई है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। लॉकडाउन के तीन चरणों तक एक तरह से सड़कों पर वाहन न के बराबर निकलते थे।
दैनिक आधार पर शुरू हुआ संशोधन
एक तेल कंपनी के अधिकारी ने बताया कि दैनिक आधार पर कीमतों में संशोधन फिर से शुरू हो गया है। तेल कंपनियां हालांकि, एटीएफ और एलपीजी की कीमतों की नियमित रूप से समीक्षा कर रही थीं, लेकिन 16 मार्च से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।