पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स से चीनी सेना गुरुवार को पूरी तरह पीछे हट गई। इसके साथ ही पहले चरण में तय स्थानों से दोनों ओर की सेना पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी हो गई। अगले दौर में अन्य स्थानों से सेना को हटाने को लेकर शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच ऑनलाइन बातचीत होगी।

इस बीच, विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत ने गलवां घाटी में चीन के दावे को फिर खारिज कर दिया है। भारत अपनी अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों ने तीन किमी का बफर जोन बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली। इसके तहत तनातनी वाले गलवां घाटी, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स से दोनों सेनाएं हट गई हैं। चीन ने गुरुवार को पेट्रोलिंग पॉइंट 17 से भी सेना हटा ली हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को एनएसए अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री के बीच फोन पर करीब दो घंटे चली बातचीत में भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था कि वह एलएसी में कोई बदलाव बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि चीनी विदेश मंत्री से बातचीत में एनएसए ने स्पष्ट कर दिया था कि गलवां घाटी के पास किसी तरह के निर्माण को लेकर भारत गंभीर है। हम यहां किसी तरह की हलचल बर्दाश्त नहीं करेंगे। श्रीवास्तव ने बताया, दोनों पक्ष बातचीत से तनाव घटाने और शांति कायम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हैं कि एलएसी का सम्मान होना चाहिए।