नई दिल्लीः दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली की जेलों से जमानत पर रिहा किए गए 2,901 कैदियों की अंतरिम जमानत अवधि 45 दिन और बढ़ाने का आदेश दिया है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस तलवंत सिंह की बेंच ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई के बाद ये आदेश दिया। इन कैदियों की अंतरिम जमानत की अवधि आज यानी 7 अगस्त को खत्म हो रही थी।

इन कैदियों की अंतरिम जमानत अवधि 45 दिन और बढ़ाने की अनुशंसा हाई पावर्ड कमेटी ने किया था। हाई पावर्ड कमेटी की बैठक हाईकोर्ट की जज जस्टिस हीमा कोहली की अध्यक्षता में पिछले 31 जुलाई को हुई थी। हाईपावर्ड कमेटी ने कहा था कि अभी ये कहना मुश्किल है कि कोर्ट की नियमित सुनवाई कब शुरु होगी। ऐसे में एक-एक कैदी की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष दायर करना संभव नहीं है। हाई पावर्ड कमेटी ने इसके लिए हाईकोर्ट द्वारा न्यायिक आदेश जारी करने की जरुरत बताई थी।

हाई पावर्ड कमेटी ने कहा था कि जमानत पर रिहा किए गए कैदियों को कोरोना संक्रमण के दौरान दोबारा जेल में लाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए कैदियों की अंतरिम जमानत अवधि के समाप्त होने के बाद अगले 45 दिनों के लिए अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाई जाए। कमेटी ने दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि वो कमेटी की अनुशंसाओं को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को प्रेषित करें ताकि न्यायिक आदेश पारित किया जा सके। हाई पावर्ड कमेटी की बैठक के दौरान जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने भी कैदियों की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन किया।

कोर्ट ने जेल के महानिदेशक को निर्देश दिया कि वो सभी 2901 कैदियों को फोन या किसी दूसरे उपलब्ध साधन से ये सूचित करना सुनिश्चित करें कि उनकी अंतरिम जमानत अवधि 45 दिनों के लिए और बढ़ गई है। जेल महानिदेशक को इस काम में दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के सदस्य सचिव सहयोग करेंगे। हाईकोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 18 सितंबर को करेगा।