लॉकडाउन की वजह से अटारी-वाघा बॉर्डर के एंट्री गेट बंद कर देने से सीमा के उस पार बीते तीन महीनों से फंसे 248 भारतीय वतन लौट आए। पाकिस्तान वाघा सीमा पर पहुंचे इन जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को अटारी भेजने से पहले पाकिस्तान रेंजर व सीमा शुल्क अधिकारियों ने इनके दस्तावेजों की जांच की। लोगों को अटारी बॉर्डर से इंटरग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) में पहुंचाया गया। वहां तैनात छह डॉक्टरों वाली मेडिकल टीमों ने उनकी स्क्रीनिंग की।