कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट व 18 अन्य विधायकों की विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। मामले से अलग वकीलों को अदालत के बाहर रहने को कहा गया है। शुरुआत में अभिषेक मनु सिंघवी दलीलें दे रहे हैं। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सिंघवी ने अदालत में किहोतो के फैसले का जिक्र किया। इसमें 10वीं शेड्यूल की बात की गई है।

स्पीकर की तरफ से अदालत में पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्पीकर के आदेश को सीमित आधार पर चुनौती दी जा सकती है लेकिन जो याचिका दायर की गई है उसमें वो आधार शामिल नहीं है।

बता दें कि पायलट और कांग्रेस के 18 अन्य विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस को अदालत में चुनौती दी है। याचिका में नोटिस को कांग्रेस की एक शिकायत के आधार पर चुनौती दी गई है, जिसमें पार्टी ने कहा था कि पार्टी व्हिप की अवज्ञा करने को लेकर विधायकों को राजस्थान विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। इससे पहले उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने स्पीकर के नोटिस के खिलाफ असंतुष्ट विधायकों की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार शाम को स्थगित कर दी थी।