आजमगढ़। सूर्य ग्रहण को आंखों से देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह था। लेकिन बदली ने लोगों के अरमानों पर पानी फेर दिया। वहीं रात में ही सूतक लगने के कारण पूजन और आरती के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। जो सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को लगभग चार बजे ही खोले गए और सुबह की आरती की गई।

रविवार के दिन बहुत से लोगों ने सूर्यग्रहण लगने से पहले ही नाश्ता-पानी कर लिया। इसकी मुख्य वजह यह थी कि बहुत से लोगों का मानना है कि सूर्यग्रहण के दौरान कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। सूर्यग्रहण को लेकर पुजारी और महंत ने मंदिरों के कपाट बंद कर दिए। महिलाओं ने सूर्य ग्रहण के दौरान धार्मिक पुस्तकें पढ़कर समय बिताया। कुछ लोगों ने सूर्यग्रहण के नजारे को देखने का भी मन बनाया था। लेकिन बदली के कारण उनका यह अरमान पूरा नहीं हो सका। सूर्यग्रहण रविवार को सुबह 10 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर दोपहर एक बजकर 40 मिनट तक रहा। इस दौरान जनपद के सभी प्रसिद्घ मंदिरों दक्षिण मुखी देवी मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर, भवरनाथ सहित अन्य मंदिरों के कपाट बंद रहे। रात से ही सूतक लगने के कारण मंदिरों में सुबह की आरती और पूजन नहीं हुआ। दो बजे सूतक हटने के बाद भगवान को नहलाकर पूजा अर्चना करने के साथ ही सुबह की आरती की गई और मंदिरों को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया गया।