नई दिल्लीः लेबनान कैपिटल पोर्ट के 16 कर्मचारियों को विस्फोट संबंधी जांच के दौरान हिरासत में लिया गया है। मिलिट्री कोर्ट के प्रवक्ता और एक्टिंग जज फादी अकीकी की ओर से मीडिया को यह जानकारी दी गई।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार अकीकी ने मीडिया को बताया कि पोर्ट ऑफ बेरूत के हंगार 12 में हुए घातक विस्फोट की मिलिट्री प्रोसीक्यूटर्स ऑफिस के द्वारा की गई आंतरिक जांच के पहले चरण के खत्म होने के बाद पता लगा है कि बोर्ड ऑफ पोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन और कस्टम एडमिनिस्ट्रेशन के 18 से अधिक कर्मचारियों, जिन्होंने हंगार में रिपेयर (मरम्मत) का काम किया था, ने विस्फोटक को वहां रखा था। इन लोगों से सवाल-जवाब किए गए। इसके बाद जांच के आधार पर 16 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है।

मंगलवार को बेरूत में हुआ भीषण विस्फोट 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग की वजह से हुआ था। इस अमोनियम नाइट्रेट को 6 वर्षों तक समुद्र के किनारे एक गोदाम में इकट्ठा किया गया था। इस गोदाम और उसमें भरे अमोनियम नाइट्रेट के बारे में बंदरगाह अधिकारियों, राजनेताओं, पुलिस और जजों को पूरी जानकारी थी। फिर भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। इस घटना में अब तक 135 से अधिक लोग मारे गए हैं और 5,000 से ज्यादा घायल हुए हैं। कई लोग अभी भी लापता हैं और लगभग दस लाख लोगों के घरों से छत छिन गई है।