लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बातचीत के जरिए तनाव को कम करने की कोशिशों के बावजूद पैंगोंग त्सो और गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव कम होने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र की स्थिति को जानने वाले लोगों ने कहा, दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला है, क्योंकि दोनों सेनाएं पैंगोंग त्सो, गलवां घाटी और डेमचोक के विवादित क्षेत्रों में अपने बलों की संख्या बढ़ा रही है।

चीनी पक्ष ने विशेष रूप से गलवां घाटी में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है। पिछले दो हफ्तों में चीनी सेना यहां करीब 100 तंबू गाड़ चुकी है और बंकरों के निर्माण के लिए भारी उपकरण लाए हैं। भारतीय पक्ष ने पिछले सप्ताह दोनों सेनाओं के स्थानीय कमांडरों के बीच बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जताई थी।