पूर्वी लद्दाख से भारत और चीन की सेनाएं गतिरोध खत्म करने और पीछे हटने को तैयार हो गई हैं। इसके बावजूद चीन के तेवर को देखते हुए भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर खूंटा गाड़ने की तैयारी कर ली है। सर्दियां आने वाली हैं और उस समय दोनों ही देशों के लिए एलएसी पर सैनिकों की तैनाती करना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन भारत ने कमर कस ली है ताकि अगले साल चीन अप्रैल 2020 जैसी हरकत न दोहरा सके। इसके लिए लद्दाख में तैनात जवानों को सियाचिन में तैनात जवानों की तरह अत्याधुनिक उपकरण दिए जाएंगे।

लद्दाख में भारत ने चीन के बराबर जवानों की तैनाती और जरूरी ढांचा खड़ा किया हुआ है। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद चीनी सेना पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 (गलवां), 15-16 (हॉट स्प्रिंग्स), पेट्रोलिंग प्वाइंट 17ए (गोगरा) से हटी है लेकिन वह पैगोंग त्सो से पीछे हटने को तैयार नहीं है।