राज्य के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एक जून के बाद से कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े हैं। झारखंड, उड़ीसा, बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ये वो राज्य हैं जहां सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर पहुंचे हैं। लॉकडाउन की वजह से नौकरी जाने के बाद औद्योगिक राज्य जैसे तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक से प्रवासी मजदूरों ने पलायन किया।

30 मई को केंद्र ने अनलॉक 1.0 के तीन चरणों की जानकारी जारी की थी। अनलॉक 1.0 में लॉकडाउन में लगाए गए प्रतिबंधों में थोड़ी ढील दी गई और एक जून से अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए अनुमति दी गई। सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए एक हलफनामे के मुताबिक अब तक एक करोड़ प्रवासी मजदूर अपने घर जा चुके हैं।
केंद्र की ओर से चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों की मदद से प्रवासी मजदूर बिहार, उड़ीसा और झारखंड जैसे राज्यों में गए। ये प्रवासी मजदूरों का आंकड़ा एक मई से जून के पहले हफ्ते तक का है। प्रवासी मजदूरों के आने की वजह से इन राज्यों में कोविड-19 के मामलों में तेजी आई, हालांकि इन राज्यों में कोरोना के मामले महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से कम हैं।