प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ एक नया आरोपपत्र दायर किया है। इसमें विस्तारपूर्वक बताया गया है कि कैसे चोकसी ने लैब में बने हीरे और संपत्तियों को बेचकर भारत, दुबई और अमेरिका सहित शीर्ष वित्तीय संस्थानों में अपने ग्राहकों और उधारदाताओं को धोखा देने के लिए एक संगठित रैकेट चलाया।

इस आरोपपत्र का उद्देश्य मार्च 2019 में भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के कन्वेंशन के तहत चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा से भारत में भेजे जाने के लिए किए गए प्रत्यर्पण अनुरोध को बढ़ावा देना है। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आरोपपत्र को कुछ हफ्ते पहले ही दाखिल किया गया है। हालांकि, उन्होंने तारीख नहीं बताई।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मेहुल चोकसी अपने  भांजे नीरव मोदी के साथ 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी है। उसने एंटीगुआ और बारबुडा सरकार द्वारा नागरिकता लेने के लिए चलाए जाने वाले एक कार्यक्रम के तहत वहां की नागरिकता ले ली है, इसमें नागरिकता लेने के लिए आपको देश में निश्चित मात्रा में निवेश करना होता है।