रक्षा मंत्री सिंह तीन दिन की रूस यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं।  इस दौरान वह रूस के उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ वार्ता करेंगे। माना जा रहा है कि वह उन्हें लद्दाख में वर्तमान स्थितियों की जानकारी देंगे। साथ ही वह द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत की जीत की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य सैन्य परेड में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री की रूस यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब लद्दाख में चीन के साथ भारत का गतिरोध बरकरार है।

रूस के साथ हमारे पुराने संबंधों और समझौतों के आधार पर रक्षा मंत्री उनसे अनुरोध करेंगे कि ये उपकरण हवाई मार्ग से भेजे जाएं जिससे हम वर्तमान स्थितियों को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द प्राप्त कर सकें।’  यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री रूसी अधिकारियों के समझ वायु सेना के सुखोई एसयू-30एमकेआई और मिग-29, भारतीय नौसेना के मिग-29के, सेना के टी-90 टैंक और किलो-र्लास पनडुब्बियों के उपकरणों की जल्द डिलीवरी का मुद्दा उठाएंगे।
रक्षा मंत्री रूसी अधिकारियों के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने को लेकर कई बैठकें करेंगे। वह एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी भी जल्द करने का अनुरोध करेंगे। भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीनो अंगों का सम्मिलित 75 सदस्यीय एक दस्ता परेड में हिस्सा लेने पहले ही मॉस्को पहुंच चुका है। रक्षा मंत्री की रूस यात्रा ऐसे समय हो रही है जब लद्दाख में चीन के साथ भारत का गतिरोध बरकरार है।