फ्रांस से पांच राफेल विमान भारत के लिए उड़ान भर चुके हैं। कल बुधवार को ये लड़ाकू विमान भारत की धरती पर कदम रख लेंगे। वायुसेना के बेड़े में औपचारिक रूप से इन्हें 15 अगस्त के बाद ही शामिल किया जाएगा। भारतीय वायुसेना ने इन लड़ाकू विमानों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि एलएसी पर तनाव को देखते हुए इन्हें चीन सीमा पर तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा यह भी तैयारी है कि दूसरा स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल में तैनात करने की तैयारी है। वायुसेना ने लड़ाकू विमानों के पहले बेड़े को खास नाम देने की भी तैयारी कर ली है।

वायुसेना ने राफेल विमान के रखरखाव की भी पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा चुका है। इन दो एयरबेस पर 400 करोड़ रुपये की लागत से शेल्टर, हैंगर और अन्य सुविधाओं समेत सभी बुनियादी ढांचे को विकसित किया गया है।