कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होने के बाद बुधवार को कहा कि भगवान राम मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं और वह कभी घृणा एवं अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं। वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं। राम प्रेम हैं। वह कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘राम करुणा हैं। वह कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते। राम न्याय हैं। वह कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।’’