कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी के संगठन को फिर से खड़ा करने और मजबूत बनाने की पैरवी करते हुए शनिवार को राहुल गांधी से आग्रह किया कि वह दोबारा पार्टी की कमान संभालें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर नरम रुख रखने के पैरोकार कांग्रेस नेताओं पर पर निशाना साधा और सवाल किया कि जो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आक्रामक रुख की सराहना नहीं कर सकते, वो पार्टी में क्यों हैं?।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, 2019 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के लिए वस्तुत: मुख्य चुनौती बनकर उभरे थे। उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष अथवा लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता के तौर पर पार्टी को खड़ा करने का काम जारी रखना चाहिए था। कांग्रेस में कोई भी उनके विरोध में नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमले से परहेज की पैरवी करने वाले कुछ कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस में कौन लोग हैं जो प्रधानमंत्री मोदी को लेकर नरम रहने की पैरवी करते हैं? उनके पास यह साहस होना चाहिए कि वे पार्टी के अंदर अथवा सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखें।
सिंह ने कहा, मैं निजी तौर पर राहुल जी और प्रियंका जी के आक्रामक रुख का समर्थन करता हूं। वे भारत और उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय हित के मुद्दों को उठा रहे हैं। अगर कांग्रेस में कुछ नेता इसकी सराहना नहीं करते तो फिर वे कांग्रेस में क्यों हैं? उन्होंने कहा, मैं चिदंबरम जी की सराहना करता हूं कि मनगढंत आरोप में जेल जाने के बाद भी वह नहीं झुके।