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मुंबई : हिंदी फिल्मों के जाने-माने निर्माता और निर्देशक प्रकाश झा की वेब सीरीज ‘आश्रम चैप्टर 2- द डार्क साइड’ के रिलीज होने के मौके पर एक इंटरव्यू में इसकी अभिनेत्री अनुप्रिया गोयंका ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि रील लाईफ में नहीं बल्कि रियल लाईफ में वह एक ढोंगी बाबा के चंगुल में फंस गई थी। उन्होंने एक बाबा के हाथों हुए अपने शोषण का किस्सा सुनाया है। उन्होंने बताया है कि उस समय वह 18 साल की थीं जब एक बाबा ने उनका फायदा उठाने की कोशिश की। हालांकि, वह बाबा ऐसा कर न सका और अनुप्रिया उसके चंगुल से बच निकलने में कामयाब रहीं।

बताते चलें कि, अभिनेता बॉबी देओल की विवादों से भरी वेब सीरीज ‘आश्रम’ का दूसरा भाग इस बुधवार को ही ओटीटी पर रिलीज हो चुका है। इस सीरीज में डॉक्टर नताशा का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री अनुप्रिया गोयंका ने एक इंटरव्यू में बताया है कि उनके पिता बाबाओं और साधुओं पर बहुत भरोसा करते हैं। युवावस्था में अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र करते हुए अनुप्रिया ने बताया कि एक आध्यात्मिक गुरु ने उनका फायदा तब उठाने की कोशिश की जब वह 18 साल की थीं।

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अंतरआत्मा की आवाज सुनी और खुद को बचाया

अनुप्रिया ने कहा, ‘मेरा पूरा परिवार उस आध्यात्मिक गुरु पर बहुत भरोसा करता था। यहां तक कि मैं खुद भी उस पर भरोसा करने लगी थी। वह बहुत ही अच्छी-अच्छी बातें करता था और बहुत ही प्रयोगात्मक चीजें बताता था। लेकिन, एक दिन जब उसे मौका मिला तो उसने मेरा फायदा उठाने की कोशिश की। तब मैं सिर्फ 18 साल की थी। उस घटना ने मुझे बुरी तरह डरा दिया था और यह मेरे जहन में लंबे समय तक बनी रही। सौभाग्य से मैंने उसे अपने साथ कुछ करने नहीं दिया और उस स्थिति से मैं भाग निकलने में कामयाब रही।’

अनुप्रिया ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, ‘इस घटना के दौरान मैंने सिर्फ अपनी अंतरात्मा की बात सुनी। फिर भी मुझे उस स्थिति के साथ लड़ना पड़ा। मुझे पिछली मुलाकातें याद थीं और धीरे-धीरे से कुछ चीजें बदलने लगी थीं। सब कुछ सामने होते हुए भी मुझे खुद पर भी थोड़ा शक हो रहा था क्योंकि मैं उस आदमी में पूरा भरोसा करने लगी थी। मैं सोच भी नहीं सकती थी कि ऐसा भी कुछ हो सकता है।’

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उल्लेखनीय है कि, वेब सीरीज ‘आश्रम’ इसी तरह की घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज है। वह भी आश्रमों और कुछ कपटी आध्यात्मिक गुरुओं की प्रवृत्ति को उजागर करता है। इस सीरीज को लेकर कुछ धार्मिक संगठनों ने सावल भी खड़े किए थे।