आजमगढ़ । डीएम एनपी सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें कोरोना महामारी के चलते जारी लाकडाउन के दौरान किसी महिला के साथ घरेलू हिंसा न होने पाए इस बात का ध्यान रखने का निर्देश दिया गया।डीएम ने बताया कि लाकडाउन की स्थिति में जनपद में हजारों मजदूरों का आगमन हो रहा है। मजदूरों का मनोवैज्ञानिक, आर्थिक, सामाजिक व्यवस्थापन के लिए जनपद में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ग्रामों में परिवारों का आगमन हो रहा है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा, उन लोगों को किस प्रकार आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तथा उनकी काउन्सिलिंग की जाए। जिससे कि वे अवसाद में न जाने पाएं, इसके लिए ग्राम स्तर पर एक शिक्षक को ‘प्रवासी श्रमिक मित्र’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये प्रवासी श्रमिक मित्र गांव के 10 छात्र व छात्राओं का चयन करेंगे तथा उनको लेकर लोगों को कोरोना से बचाव, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना आदि के लिए जागरूक करेंगे, उनको रोजगार से जोड़ने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए कार्य करेंगे। आप की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि ज्यादा परिवार अब एक साथ घर पर हैं, लेकिन महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का घरेलू हिंसा नही होना चाहिए तथा किसी का परिवार न टूटे, इसके लिए आपको लोगों की काउंसिलिंग करनी होगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव, हिना देसाई, 181 महिला हेल्प लाइन टीम के सदस्य आदि उपस्थित रहे।