अरुणाचल प्रदेश की सभी सीमा के आसपास सड़क निर्माण को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। राज्य भूमि प्रबंधन सचिव डॉ सोनल स्वरूप ने शुक्रवार को कहा, सीमा क्षेत्र को सड़क मार्ग से जोड़ना रणनीतिक रूप से बेहद आवश्यक है और यह हमारी पहली प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने इस काम को शीघ्र पूरा करने के लिए समय सीमा भी तय कर दी है।

स्वरूप ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति, खदानों के आवंटन और संयुक्त सर्वेक्षण को लेकर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लुफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह और राज्य मुख्य सचिव नरेश कुमार के बीच बृहस्पतिवार को मैराथन बैठक में चर्चा हुई है। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि कोरोना संकट के चलते कम मजदूरों के साथ सीमा पर सड़क व पुल बनाने का काम जारी है।
इस पर मुख्य सचिव ने इस काम में हर संभव मदद देने का आश्वसान दिया। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश 1080 किमी. सीमा साझा करता है। वहीं म्यांमार की 440 किमी. और भूटान की 160 किमी. सीमा अरुणाचल प्रदेश से जुड़ती है।