News India Live, Digital Desk : पिछले कुछ समय से हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखकर हर भारतीय के मन में एक ही सवाल है क्या हमारा एक पुराना दोस्त अब धीरे-धीरे दुश्मन की राह पर चल पड़ा है? हम अक्सर “टू एंड ए हाफ फ्रंट वॉर” (ढाई मोर्चे पर युद्ध) की बात करते हैं, जिसमें चीन, पाकिस्तान और देश के अंदरूनी हालात शामिल हैं। लेकिन, अब दबी जुबान में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के लिए “तीसरा मोर्चा” (Third Front) खोल सकता है?
यह सवाल सिर्फ़ चाय की दुकानों पर ही नहीं, बल्कि अब सेना के बड़े अधिकारियों तक भी पहुँच गया है। और इसी बड़े सवाल का जवाब हाल ही में खुद भारतीय सेना प्रमुख (Army Chief) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दिया है।
सेना प्रमुख से पूछा गया सीधा सवाल
दरअसल, सेना दिवस (Army Day) से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने आर्मी चीफ से यह तीखा सवाल पूछा कि “क्या बांग्लादेश, पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ कोई गठजोड़ बना रहा है?” तो जनरल द्विवेदी ने बहुत ही सधे हुए और सुलझे अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने न तो हड़बड़ी दिखाई और न ही कोई भड़काऊ बात कही। उन्होंने साफ किया कि बांग्लादेश फिलहाल एक नाजुक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने इसे एक “ट्रांजिशन फेज” (बदलाव का दौर) कहा।
आर्मी चीफ के जवाब का मतलब क्या है?
जनरल द्विवेदी ने जो कहा, उसका लब्बोलुआब यह है कि हमें अभी तुरंत किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए। उन्होंने समझाया कि बांग्लादेश में सरकार बदली है, हालात बदले हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उसे सीधे दुश्मन मान लें।
उन्होंने कहा, “हम चीजों को बहुत बारीकी से देख रहे हैं।” इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय सेना आंखें बंद करके नहीं बैठी है। अगर बॉर्डर के उस पार कुछ भी भारत के खिलाफ पक रहा होगा, तो उससे निपटने की पूरी तैयारी है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देशों के बीच रिश्ते सिर्फ़ राजनीति से नहीं, बल्कि “मिलिट्री डिप्लोमेसी” और लोगों के आपसी रिश्तों से भी चलते हैं। सेना की कोशिश है कि हालात सामान्य रहें और बार्डर पर शांति बनी रहे।
पाकिस्तान की चाल और भारत की नजर
यह डर इसलिए भी माहौल में है क्योंकि हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को अपने खेमे में लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पाकिस्तान हमेशा से भारत के पड़ोसियों को उकसाने की फिराक में रहता है।
लेकिन सेना प्रमुख की बातों से एक बात साफ झलकती है धैर्य। भारत जल्दबाजी में बांग्लादेश को ‘दुश्मन’ घोषित करके पाकिस्तान के जाल में नहीं फंसना चाहता। आर्मी चीफ का यह कहना कि “हम चाहते हैं वहां स्थिरता (Stability) आए”, यह बताता है कि एक स्थिर बांग्लादेश ही भारत के फायदे में है।
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