हिन्दू धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के बाद दान का विशेष महत्व माना जाता है। चंद्रग्रहण के समय सूर्य , चंद्रमा एवं पृथ्वी एक ही क्रम में होतें है , जिसके कारण चंद्रग्रहण लगता है। ग्रहण के बाद कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव दूर होतें है। ग्रहण के बाद दान से दुर्घटनाओं से बचाव होता हैं। ग्रहण की नकारात्मकता का तेज बहुत अधिक होता है , इसलिए उनसे बचाव होना बहुत आवश्यक होता है। ग्रहण से जुड़ी बहुत सी मान्यताएं है , इसके प्रभाव दोनों ही रूपों से हो सकतें है अच्छे भी और बुरे भी। ग्रहण से जुड़ें बुरे प्रभावों के लिए ही इन वस्तुओं का दान अहम माना जाता है।