
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। उनके पति ताघी रहमानी ने दावा किया है कि ईरान की जेल में बंद उनकी पत्नी की हालत लगातार खराब हो रही है और गिरफ्तारी के बाद उनके साथ मारपीट भी की गई।
गिरफ्तारी के बाद से संपर्क नहीं
रहमानी ने पेरिस स्थित अपने घर पर एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में बताया कि 12 दिसंबर को मशहद यात्रा के दौरान नरगिस को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह उनसे बात नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि रिहा हुए कुछ बंदियों से उन्हें जानकारी मिली कि उनकी पत्नी की तबीयत जेल में बिगड़ती जा रही है।
सीमित संपर्क और बढ़ती चिंता
रहमानी के मुताबिक नरगिस को केवल अपने भाई से बहुत कम समय के लिए फोन पर बात करने की अनुमति मिली थी। इसके अलावा इस सप्ताह की शुरुआत में एक और सजा सुनाए जाने के बाद उन्होंने सिर्फ एक बार अपने वकील से बात की। उन्होंने बताया कि आखिरी बार उनकी पत्नी से बातचीत उस रात हुई थी जब वह तेहरान में थीं और मशहद जाने वाली थीं।
कार्यक्रम में हमला और मारपीट का आरोप
बताया गया कि नरगिस एक मानवाधिकार वकील की संदिग्ध मौत के बाद आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। रहमानी का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद सुरक्षा बल के सदस्यों ने भाषण खत्म होने से पहले ही उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार कई लोगों ने उनके सिर और गर्दन पर वार किए, जिससे उनकी सेहत बिगड़ गई।
स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता
रहमानी ने कहा कि उन्हें मिली सूचनाओं से संकेत मिलता है कि गिरफ्तारी के बाद हुई कथित मारपीट का असर अब भी नरगिस की सेहत पर पड़ रहा है। इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजर बनी हुई है और उनकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
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