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कानपुर में बकरीद से पहले बड़ा कांड: बुजुर्ग किसान को चारपाई से बांधकर कोठरी में डाला, ₹2 लाख की 17 बकरियां लूट ले गए बदमाश

बिल्हौर, कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान करने वाली और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। आगामी त्योहार बकरीद से पहले मवेशी बेचकर अच्छे मुनाफे की आस लगाए बैठे एक बुजुर्ग किसान की सालभर की खून-पसीने की मेहनत पर बदमाशों ने पानी फेर दिया। आधी रात को आए आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने बुजुर्ग किसान को बंधक बनाकर करीब दो लाख रुपये कीमत की 17 बकरियां लूट लीं और बड़े आराम से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, वहीं इलाके के किसानों में भारी आक्रोश है।

तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है, लेकिन घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है।

आंधी और अंधेरे का फायदा उठाकर बाड़े में घुसे आधा दर्जन बदमाश

दिल दहला देने वाली यह घटना बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के बरौली गांव की है। गांव के रहने वाले 62 वर्षीय बुजुर्ग किसान रामविलास पुत्र दीनदयाल अपने गांव के बाहर खेत पर बने एक पुराने मकान/कोठरी में गाय, भैंस और बकरियां पालते हैं। पशुओं की सुरक्षा के लिए रामविलास या उनके परिवार का कोई न कोई सदस्य रोज रात में वहीं सोता है। सोमवार की रात भी रामविलास पशुओं की रखवाली के लिए बाड़े में सो रहे थे। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि रात करीब 11:30 बजे, जब तेज आंधी चल रही थी और चारों तरफ गहरा अंधेरा था, तभी अचानक आधा दर्जन अज्ञात बदमाश हथियार चमकाते हुए उनके खेत पर धमक पड़े।

चारपाई समेत उठाकर कोठरी में बंद किया, एक बदमाश करता रहा निगरानी

रामविलास के मुताबिक, बदमाशों ने आते ही पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी और फिर जबरन खींचकर कोठरी के अंदर ले गए। बदमाशों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उन्होंने बुजुर्ग को चारपाई समेत उठाया और कोठरी के भीतर डालकर चारपाई से कसकर बांध दिया। इसके बाद बदमाशों ने कोठरी का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। वारदात के दौरान एक बदमाश हाथ में हथियार लिए कोठरी के बाहर रामविलास पर नजर रखता रहा, जबकि उसके बाकी साथियों ने बाड़े में बंधीं 17 बकरियों को खोला और उन्हें लेकर रफूचक्कर हो गए। बदमाशों के भागने के बाद रामविलास ने किसी तरह खुद को बंधन से ढीला किया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया।

बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में मौजूद ग्रामीण और उनके परिजन भागते हुए मौके पर पहुंचे। उन्होंने कोठरी का दरवाजा खोलकर रामविलास को बाहर निकाला और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मौके पर छूटे बदमाशों के दस्तावेज, पीड़ित परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सूचना मिलते ही बिल्हौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने रात में ही ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के जंगलों और रास्तों पर बदमाशों की काफी खोजबीन की, लेकिन शातिर लुटेरों और बकरियों का कोई अता-पता नहीं चला। हालांकि, छानबीन के दौरान घटनास्थल के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और कागज जमीन पर पड़े मिले हैं, जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। माना जा रहा है कि यह दस्तावेज बदमाशों के ही हैं, जो हड़बड़ी में वहां छूट गए।

पीड़ित रामविलास ने रोते हुए बताया कि लूटी गई बकरियों की बाजार में कीमत करीब दो लाख रुपये थी। उन्होंने सालभर इन्हें इस उम्मीद में पाला था कि बकरीद के मौके पर इन्हें बेचकर जो मुनाफा होगा, उससे घर की तंगहाली दूर करेंगे। इस बड़ी वारदात से परिवार की आर्थिक कमर पूरी तरह टूट गई है।

जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी, एसीपी ने कहा- मिले हैं अहम सुराग

इस पूरे मामले पर क्षेत्र के आला अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। पुलिस का दावा है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

“घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पुलिस को कुछ बेहद अहम और महत्वपूर्ण साक्ष्य (दस्तावेज) बरामद हुए हैं। इन सबूतों के आधार पर पुलिस की टीमें अलग-अलग एंगल से मामले की गहन जांच कर रही हैं। जल्द ही इस मामले में संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी और आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

— सुभाष चंद्र, एसीपी (बिल्हौर, कानपुर)