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आगरा धर्मांतरण कांड: UP STF और पुलिस का बड़ा एक्शन, दिल्ली से दबोचे गए 4 ‘मास्टरमाइंड’; ऐसे जाल में फंसाती थी सगी बहनों की जोड़ी

आगरा। देश के सबसे चर्चित ‘सगी बहनों के धर्मांतरण मामले’ में आगरा पुलिस और यूपी एसटीएफ (UP STF) को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर इस गिरोह के चार और मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस गैंग में पढ़े-लिखे एमबीए (MBA) प्रोफेशनल से लेकर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर तक शामिल हैं, जो युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें दूसरे धर्म के खिलाफ भड़काते थे। अब तक इस सनसनीखेज मामले में कुल 18 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

कोलकाता की ‘मुस्लिम बस्ती’ से शुरू हुआ था खेल

इस केस की कहानी मार्च 2025 में आगरा के सदर थाना क्षेत्र से शुरू हुई थी, जब दो सगी बहनें अचानक रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थीं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं। मई 2025 में इन बहनों का धर्मांतरण कराकर उन्हें कोलकाता की एक मुस्लिम बस्ती में छिपा दिया गया था। आगरा पुलिस ने छह राज्यों में एक साथ दबिश देकर बहनों को मुक्त कराया, जिसके बाद इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।

कौन हैं ये 4 नए आरोपी? जतिन से लेकर मौलाना तक की भूमिका

आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की जिम्मेदारी अलग-अलग बंटी हुई थी:

  • जतिन कपूर उर्फ जाशिम (MBA पास): यह आरोपी वेबसाइट डिजाइनर और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर है। खुद धर्म परिवर्तन कर चुका जतिन इंटरनेट के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश करता था।

  • तालमीज उर रहमान (फंडिंग हेड): दिल्ली में जूते के कारोबार की आड़ में यह विदेशों से मिलने वाली फंडिंग को मैनेज करता था और गिरोह के सरगना दाऊद के सीधे संपर्क में था।

  • परवेज अख्तर (लेखक): दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक परवेज इस्लाम पर किताबें लिखता था। उसका काम दूसरे धर्मों की कमियां निकालकर युवाओं को आकर्षित करना था।

  • हसन मोहम्मद (मौलाना): यह फर्जी निकाहनामे तैयार करने का विशेषज्ञ है। धर्मांतरण के तुरंत बाद युवतियों का निकाह कराने की जिम्मेदारी इसी की थी।

मेडिकल छात्रा का शोषण और 6 राज्यों में फैला नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने केवल इन दो बहनों को ही नहीं, बल्कि कई अन्य युवतियों को भी अपना शिकार बनाया है। अब तक छह से अधिक युवतियों ने कोर्ट में इस गैंग के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। इनमें से एक मेडिकल की छात्रा ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण के नाम पर उसका शारीरिक शोषण भी किया गया। पुलिस को शक है कि यह गिरोह विदेशी फंडिंग के जरिए देश के शिक्षित युवाओं को निशाना बना रहा था।

आतंकी कनेक्शन की भी हो रही है जांच

इस मामले के तार छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल में बंद संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। यूपी पुलिस ने अयान से पूछताछ के बाद कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना अब्दुल रहमान और उसके साथियों से मिले इनपुट के आधार पर देश के अन्य हिस्सों में भी छापेमारी की तैयारी कर रही है। पकड़े गए चारों आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है।