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तेहरान पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का कहर: घर के ऑफिस में मौजूद थे अयातुल्ला खामेनेई, मिसाइल हमले में मौत की पुष्टि

नई दिल्ली। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शनिवार को राजधानी तेहरान पर हुए मिसाइल हमले में खामेनेई अपने आवास स्थित कार्यालय में मौजूद थे। हमला इतना भीषण था कि उनका पूरा परिसर ध्वस्त हो गया।

तेहरान में सटीक निशाना, ऑफिस में बैठे थे खामेनेई

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शनिवार सुबह अयातुल्ला खामेनेई अपने घर में बने ऑफिस में काम कर रहे थे। इसी दौरान इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में उनके परिसर को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि हमलावरों को खामेनेई की लोकेशन की सटीक जानकारी थी। मिसाइल गिरते ही पूरा इलाका काले धुएं से भर गया और कुछ ही पलों में परिसर पूरी तरह तबाह हो गया। इसी हमले में उनकी मौत हो गई।

परिवार के सदस्यों की भी गई जान, 40 दिन का राजकीय शोक

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हुई है। ईरान सरकार ने इस अपूरणीय क्षति पर 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। राजधानी तेहरान समेत पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

नेतन्याहू और ट्रंप ने किया था दावा

हमले के बाद देर रात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि खामेनेई को खत्म कर दिया गया है। इसके कुछ घंटों बाद ईरानी मीडिया ने भी उनकी मौत की पुष्टि कर दी।

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत हमला

सूत्रों के मुताबिक, यह हमला ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अंजाम दिया गया। तेहरान में राष्ट्रपति भवन के आसपास और खामेनेई के आवासीय परिसर को एक साथ निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बेहद सुनियोजित थी, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के समय अधिकतम नुकसान पहुंचाना था।

IRGC का ऐलान- बदला लेकर रहेंगे

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खामेनेई की मौत पर गहरा शोक जताते हुए कड़ा बयान जारी किया है। बयान में कहा गया कि देश ने एक महान और दूरदर्शी नेता खो दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई कि उनकी मौत का बदला लिया जाएगा। IRGC ने कहा कि खामेनेई की शहादत उन्हें और मजबूत बनाएगी और देश के खिलाफ किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

ईरानी सेना ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल और जन-बसीज अपने नेता की विरासत की रक्षा के लिए पूरी ताकत से डटे रहेंगे और आंतरिक व बाहरी आक्रमणकारियों को सबक सिखाया जाएगा।

इस हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है और वैश्विक समुदाय की नजरें अब ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हैं।