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बंगाल चुनाव परिणाम 2026: मतगणना शुरू होते ही भवानीपुर में हाई वोल्टेज ड्रामा; काउंटिंग सेंटर पर भिड़े टीएमसी-भाजपा एजेंट

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता का भविष्य तय करने के लिए आज 293 विधानसभा सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन वोटों की गिनती शुरू होने से ठीक पहले सूबे की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट ‘भवानीपुर’ से हंगामे की खबर आई है। भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एजेंटों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिससे मतगणना स्थल पर भारी तनाव पैदा हो गया।

आईडी कार्ड को लेकर विवाद: एजेंटों के बीच तीखी नोकझोंक

मतगणना केंद्र के बाहर हुए इस बवाल की मुख्य वजह पहचान पत्र (ID Card) को लेकर उपजा विवाद बताया जा रहा है। भाजपा के काउंटिंग एजेंटों ने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोग बिना आईडी कार्ड के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं और बेवजह हंगामा खड़ा कर रहे हैं। भाजपा एजेंटों का कहना है, “हमने नियमों का पालन करते हुए अपने आईडी कार्ड पहने हैं, लेकिन विपक्षी दल हार के डर से काउंटिंग प्रक्रिया में बाधा डालना चाहता है। बंगाल में भाजपा बहुमत से आ रही है।”

भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु: साख की सबसे बड़ी लड़ाई

भवानीपुर की सीट इस चुनाव का ‘एपिसेंटर’ बनी हुई है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से है। 2021 के चुनाव में नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर अपनी कुर्सी बचाई थी, लेकिन इस बार सुवेंदु ने उनके घर में घुसकर उन्हें चुनौती दी है। भाजपा को उम्मीद है कि इस शहरी सीट पर मौजूद गैर-बंगाली मतदाता और मतदाता सूची से हटाए गए 47,094 नामों का समीकरण उनके पक्ष में जाएगा।

2011 का किला बनाम 2026 की चुनौती

भवानीपुर 2011 से ममता बनर्जी का राजनीतिक दुर्ग रहा है। हालांकि, इस बार चुनाव आयोग द्वारा की गई ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में वोट काटे जाने से सियासी गणित बदल गया है। टीएमसी जहां इसे अपना अपराजेय किला मान रही है, वहीं भाजपा ने ‘नंदीग्राम पार्ट-2’ दोहराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

सुरक्षा बल अलर्ट, पल-पल बदल रहे हैं रुझान

झड़प की खबर के बाद मतगणना केंद्र के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध पास वाले एजेंटों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। जैसे-जैसे पोस्टल बैलट के बाद ईवीएम के राउंड खुलेंगे, भवानीपुर समेत पूरे बंगाल की तस्वीर साफ होने लगेगी।