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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई: SIT की रिपोर्ट के बाद FIR दर्ज, ट्रस्ट ने दी प्रतिक्रिया

अयोध्या। अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित घोटाले और चोरी के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। विशेष जांच टीम (SIT) की जांच रिपोर्ट और सिफारिश के बाद इस मामले में आधिकारिक तौर पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। यह कदम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और शुरुआती जांच में सामने आए गंभीर तथ्यों के आधार पर उठाया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारियों पर सबकी नजरें टिक गई हैं।

ट्रस्ट के सदस्य की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी को लेकर यह एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य और सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं। एसआईटी ने अपनी गोपनीय जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी, जिसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू कर दी है।

चंपत राय ने एसआईटी जांच का हवाला देकर विवरण देने से किया इनकार
इस पूरे विवाद और एफआईआर दर्ज होने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भी बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। जब मीडिया और संबंधित पक्षों द्वारा ट्रस्ट की आमदनी, खर्च, भक्तों द्वारा दिए गए दान और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां मांगी गईं, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। चंपत राय ने वर्तमान में चल रही विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच के दायरे में होने के कारण इससे संबंधित वित्तीय विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर खड़े हुए सवाल, भक्तों में उत्सुकता
विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में देश-विदेश से रोजाना लाखों श्रद्धालु करोड़ों रुपये का चढ़ावा और कीमती सामान अर्पित करते हैं। ऐसे में चढ़ावे में चोरी या घोटाले की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच इस तरह की चूक या हेराफेरी कैसे संभव हुई। फिलहाल, पुलिस और एसआईटी की टीमें उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं कि इस कथित घोटाले के पीछे किन लोगों का हाथ है।