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ISIS Terror Plot in India : जान बचाने वाले हाथ जब हज़ारों की जान लेने निकले, ISIS की ज़हरीली साज़िश का पर्दाफ़ाश

News India Live, Digital Desk: ISIS Terror Plot in India : कभी सोचा है कि जिन हाथों को हम ज़िंदगी बचाने वाला मानते हैं, वही हाथ हज़ारों लोगों की मौत का सामान तैयार कर सकते हैं? यह कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि एक हकीकत है जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया है।गुजरात एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने हाल ही में एक ऐसी खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें मुख्य किरदार एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर है।तेलंगाना के हैदराबाद का रहने वाला 35 साल का डॉक्टर अहमद मोहीउद्दीन सैयद, जिसे लोगों की जान बचानी थी, वो इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के इशारे पर भारत में एक बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहा था।यह कोई आम हमला नहीं था; इसकी तैयारी ऐसे खतरनाक जैविक हथियार से हो रही थी जो सायनाइड से भी हज़ारों गुना ज़्यादा ज़हरीला है।क्या थी यह खतरनाक साज़िश?गुजरात एटीएस के मुताबिक, यह नेटवर्क देश के कई शहरों में एक साथ हज़ारों लोगों को मौत की नींद सुलाने की फिराक में था। इसके लिए डॉ. सैयद ‘रिसिन’ (Ricin) नाम का एक बेहद ज़हरीला पदार्थ तैयार कर रहा था। रिसिन, अरंडी के तेल (Castor Oil) से बनाया जाता है और इसकी बहुत छोटी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है।इस साज़िश में डॉ. सैयद अकेला नहीं था। उत्तर प्रदेश के दो और युवक, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहेल खान, भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। एटीएस ने जब इन तीनों को गिरफ्तार किया, तो उनके पास से विदेशी पिस्तौलें, 30 कारतूस और ‘रिसिन’ बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैस्टर ऑयल भी बरामद हुआ।कैसे हुआ इस नेटवर्क का पर्दाफ़ाश?सुरक्षा एजेंसियां पिछले एक साल से इस मॉड्यूल पर नज़र रखे हुए थीं। एटीएस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि हैदराबाद का डॉ. सैयद भारत में आतंकी हमले की योजना बना रहा है और इसी सिलसिले में अहमदाबाद आया है।[ इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने गांधीनगर के पास अदलाज से डॉ. सैयद और उसके दोनों साथियों को धर दबोचा।पूछताछ में यह बात सामने आई कि इन आतंकियों के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे, जो ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार भेजते थे डॉ. सैयद का हैंडलर अफगानिस्तान में बैठा ‘अबू खदीजा’ नाम का आतंकी था, जो ISKP से जुड़ा है। इन लोगों ने हमला करने से पहले दिल्ली, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में भीड़-भाड़ वाली जगहों की रेकी भी की थी।यह घटना एक बड़ा खतरा टल जाने की राहत तो देती है, लेकिन साथ ही एक गहरी चिंता भी पैदा करती है। आतंकी संगठन अब पढ़े-लिखे और डॉक्टर जैसे पेशेवर लोगों को अपने जाल में फंसाकर देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मामला दिखाता है कि आतंकवाद का खतरा अब नए और ज़्यादा खतरनाक रूप ले चुका है, जिससे निपटने के लिए हमें और भी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है।