लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा फूंकने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस कमिश्नरेट में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 27 जून 2026 को लखनऊ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पांच सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के राजपत्रित अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। इस अचानक हुई तबादला सूची के सामने आने के बाद से ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
नवीन आदेश के अनुसार, कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों का स्थानांतरण एक महत्वपूर्ण क्षेत्र से दूसरे संवेदनशील क्षेत्र में किया गया है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
महेश त्यागी को मिली यातायात की कमान, जाम से दिलाएंगे मुक्ति!
तबादला सूची के अनुसार, एसीपी महेश त्यागी को सहायक पुलिस आयुक्त, यातायात (Traffic) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वह सहायक पुलिस आयुक्त, लखनऊ के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ते गाड़ियों के दबाव, रोजाना लगने वाले जाम और सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को देखते हुए यातायात विभाग की जिम्मेदारी को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में महेश त्यागी की इस पद पर तैनाती को एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। अब उनके सामने लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने और इसे अधिक सुगम व प्रभावी बनाने की बड़ी चुनौती होगी।
अतुल कुमार पाण्डेय बने एसीपी गाजीपुर, संभालेंगे संवेदनशील इलाका
तबादला सूची में एसीपी अतुल कुमार पाण्डेय को नई जिम्मेदारी देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त, गाजीपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह लखनऊ पुलिस में अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। गाजीपुर क्षेत्र को राजधानी के सबसे व्यस्त, घने और संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यहां कानून व्यवस्था बनाए रखना, ट्रैफिक नियंत्रण और अपराध पर लगाम लगाना पुलिस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में उनकी सक्रियता को देखते हुए इस संवेदनशील क्षेत्र की कमान उन्हें सौंपी गई है।
सुजीत कुमार दुबे को मिली कैण्ट की जिम्मेदारी, संभालेंगे वीआईपी क्षेत्र
मलिहाबाद में तैनात एसीपी सुजीत कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर अब सहायक पुलिस आयुक्त, कैण्ट बनाया गया है। कैण्ट क्षेत्र राजधानी के प्रमुख और अत्यंत वीआईपी इलाकों में शामिल है, जहां हर समय प्रशासनिक सतर्कता और प्रभावी पुलिसिंग की आवश्यकता बनी रहती है। कैण्ट क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठानों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान और बड़ी व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित होती हैं। सुरक्षा के लिहाज से इस क्षेत्र में नियुक्ति को पुलिस विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक माना जाता है।
ज्ञानेन्द्र सिंह को मिली मलिहाबाद की जिम्मेदारी, ग्रामीण पुलिसिंग पर होगा जोर
कैण्ट में अपनी सेवाएं दे रहे एसीपी ज्ञानेन्द्र सिंह को अब सहायक पुलिस आयुक्त, मलिहाबाद की कमान सौंपी गई है। मलिहाबाद क्षेत्र अपनी खास भौगोलिक स्थिति और ग्रामीण-शहरी मिश्रित आबादी के कारण अलग तरह की प्रशासनिक चुनौतियों वाला क्षेत्र माना जाता है। यहां कानून व्यवस्था के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिसिंग को मजबूत करना और स्थानीय विवादों का समय पर निपटारा करना सबसे मुख्य काम होता है। ऐसे में ज्ञानेन्द्र सिंह के सामने इस नए क्षेत्र में अपनी कार्यशैली को साबित करने की नई चुनौतियां होंगी।
प्रतीक दहिया को सौंपी गई साइबर और यूपी-112 की सबसे अहम जिम्मेदारी
इस पूरी तबादला सूची में सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से संवेदनशील जिम्मेदारी एसीपी प्रतीक दहिया को दी गई है। उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर/यूपी-112/लाइन्स का प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान समय में जिस तेजी से डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए साइबर सेल की जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील हो जाती है। इसके अलावा, यूपी-112 जैसी आपातकालीन सेवा सीधे आम नागरिकों की सुरक्षा और संकट के समय मदद से जुड़ी हुई है। प्रतीक दहिया की नई तैनाती को तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके सामने साइबर ठगों पर नकेल कसने और आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने का बड़ा जिम्मा होगा।
प्रशासनिक मजबूती और कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
पुलिस विभाग के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि समय-समय पर अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का एक सामान्य और आवश्यक हिस्सा हैं। इससे कार्यप्रणाली में नयापन आता है और अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव मिलता है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट लगातार अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को बेहतर करने के लिए प्रयासरत है, और यह पांच एसीपी स्तर के अधिकारियों का फेरबदल भी इसी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इन नई तैनातियों का जमीनी असर राजधानी की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर साफ देखने को मिलेगा।
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