लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में प्रदेश के विकास, किसानों की खुशहाली और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लग गई है। इस महा-बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई, जिसमें परिवहन, जेल, कृषि, न्याय और शहरी विकास विभाग से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। सरकार ने एक तरफ जहां किसानों को मक्के के समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी का तोहफा दिया है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी वकीलों का मानदेय (फीस) जबरदस्त तरीके से बढ़ा दिया है। इसके अलावा, आम जनता की सहूलियत के लिए सूबे के 18 बड़े शहरों में 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का मेगा प्लान पास हुआ है।
18 शहरों को सौगात: ₹1852 करोड़ से चलेंगी 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें, जेवर एयरपोर्ट भी जुड़ेगा
परिवहन विभाग के लिहाज से इसे अब तक का सबसे बड़ा फैसला माना जा रहा है। प्रदेश के बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए योगी कैबिनेट ने ‘ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ (जीसीसी) मॉडल पर वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन को मंजूरी दी है।
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 17 नगर निगम क्षेत्रों और नोएडा (जेवर एयरपोर्ट सहित) को मिलाकर कुल 18 शहरों में 1725 ई-बसें दौड़ेंगी। इस महापरियोजना पर कुल 1852 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में चल रही 745 पुरानी बसें भी सड़क पर बनी रहेंगी, जबकि 500 नई बसें तुरंत बेड़े में जोड़ी जा रही हैं।
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इन शहरों में चलेंगी बसें: लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, गोरखपुर, अयोध्या, झांसी, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, मथुरा-वृंदावन और नोएडा।
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रोजगार के बंपर अवसर: इस बड़ी योजना से प्रदेश में लगभग 10,500 प्रत्यक्ष और 35,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जो युवाओं के लिए बड़ी राहत की बात है। इसके सुचारू संचालन के लिए 16 नगर निगमों में ‘विशेष प्रयोजन कंपनी’ (SPV) का गठन किया जाएगा।
सरकारी वकीलों की लगी लॉटरी: महाधिवक्ता से लेकर जिला वकीलों तक का मानदेय बढ़ा
न्याय विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राज्य के विधि अधिकारियों (सरकारी वकीलों) के मासिक भत्ते और रिटेनर फीस में बंपर इजाफा किया गया है। कोर्ट में प्रभावी पैरवी को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
| पद नाम | नई रिटेनर फीस (प्रति माह) | नई बहस फीस (प्रति कार्य दिवस) |
| महाधिवक्ता (Advocate General) | ₹1.25 लाख | ₹60,000 |
| अपर महाधिवक्ता (Supreme Court / HC) | ₹50,000 | ₹40,000 / ₹50,000 |
| मुख्य स्थायी अधिवक्ता | ₹35,000 | स्वीकृत दर के अनुसार |
| अपर शासकीय / लोक अभियोजक | ₹20,000 | स्वीकृत दर के अनुसार |
| जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) | ₹14,000 | ₹2,500 |
| अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) | ₹11,000 | ₹2,300 |
| सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता | ₹10,000 | स्वीकृत दर के अनुसार |
इसके साथ ही विशेष अधिवक्ता, नामिका वकील और न्याय वित्त दीवानी फौजदारी वकीलों के लिए भी 2300 रुपये प्रति कार्य दिवस की फीस तय कर दी गई है।
जेलों का दबाव होगा कम: यूपी में बनेंगी 5 नई हाईटेक जेलें, मुआवजे का भी ऐलान
जेल विभाग से जुड़े 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को कैबिनेट ने पास किया है। जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक करीब 86 हजार बंदी निरुद्ध हैं। इस दबाव को कम करने के लिए प्रदेश के 5 जिलों में नई जेलों का निर्माण कराया जाएगा। ये नई कारागार मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया, कानपुर और भदोही में स्थापित होंगी।
इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए जेल में बंदियों की मौत पर दिए जाने वाले मुआवजे की नीति तय की गई है:
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आपसी झगड़े या कर्मचारियों की लापरवाही से किसी बंदी की मौत होने पर परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
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जेल के अंदर आत्महत्या (Suicide) करने के मामले में मृतक बंदी के परिवार को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
किसानों को बड़ी राहत: मक्के के MSP में ₹175 की वृद्धि, 48 घंटे में सीधा भुगतान
कृषि और नागरिक आपूर्ति विभाग के फैसले की जानकारी देते हुए मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि सरकार ने मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 175 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। अब किसानों से मक्का 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा, जो पहले 2225 रुपये था।
सरकार ने चालू सत्र के लिए 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रदेशभर में 150 विशेष क्रय केंद्र खोले जाएंगे, जो 15 जून से 31 जुलाई तक संचालित होंगे। किसानों को फसल बेचने के महज 48 घंटे के भीतर उनका भुगतान सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में कर दिया जाएगा।
अवैध निर्माणों को बड़ी राहत: जिला पंचायत के नक्शों को रेगुलर करेंगे विकास प्राधिकरण
शहरी विकास और आवास विभाग से जुड़ा एक और बेहद लोक-लुभावन फैसला लेते हुए सरकार ने प्रदेश के लाखों मकान और दुकान मालिकों को राहत दी है। 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायत और विकास प्राधिकरण के क्षेत्रों में जितने भी नक्शे पास किए गए थे, उन्हें अब संबंधित विकास प्राधिकरण पूरी तरह से रेगुलर (नियमित) कर देगा। इस ऐतिहासिक फैसले से अवैध या अनियमित निर्माणों के ध्वस्तीकरण और सीलिंग की तलवार लटकने से परेशान चल रहे लोगों को हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल गई है।
इसके अतिरिक्त, राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के निवासियों की सहूलियत के लिए एक नया उपनिबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालय बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। यह हाईटेक दफ्तर 953 वर्ग मीटर के बड़े दायरे में बनेगा, जिसके लिए जमीन को 90 साल की लीज पर आवंटित किया गया है।
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