
दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट कोलंबस स्कूल के10वीं कक्षा के छात्र शौर्य पाटिल (16) द्वारा आत्महत्या किए जाने के दर्दनाक मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है।FIRमें नामजद स्कूल के चार शिक्षकों को गुरुवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्कूल की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि “मामले की जांच चल रही है और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए,आपको तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।”आदेश में यह भी साफ किया गया है कि निलंबित शिक्षक स्कूल नहीं आएंगे और न ही किसी छात्र,स्टाफ या अभिभावक से बिना लिखित अनुमति के बात करेंगे।”मेरा बेटा6महीने से सब सह रहा था”: पिता का दर्दशौर्य का परिवार उसके अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र में अपने पैतृक गांव लौट गया है। वहां,गम में डूबे पिता प्रदीप पाटिल ने बताया कि उनका बेटा पिछले कई महीनों से शिक्षकों द्वारा की जा रही प्रताड़ना का शिकार हो रहा था।उन्होंने कहा, “पिछले छह महीनों से वह हमें लगातार बता रहा था कि उसे सामान्य बातचीत के लिए भी निशाना बनाया जा रहा है और शिक्षक उसे सबके सामने अपमानित कर रहे हैं। हमें बहुत छोटी-छोटी बातों के लिए बार-बार स्कूल बुलाया जाता था।”परिवार का आरोप है कि यह उत्पीड़न इतना बेरहम हो गया था कि शौर्य ने छुट्टियों से कुछ दिन पहले ही अपने पिता से उसे स्कूल से निकालने की गुहार लगाई थी। पिता ने वादा किया था कि छुट्टियों के बाद उसका स्कूल बदल दिया जाएगा,लेकिन शायद तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पिता ने कहा, “उसकी छुट्टियां बस8-10दिन दूर थीं। हमने उसे यकीन दिलाया था कि यह सब खत्म होने के बाद,हम उसे दूसरे स्कूल में भेज देंगे। हम उसके बोर्ड के रिजल्ट को खतरे में नहीं डालना चाहते थे,क्योंकि20इंटरनल मार्क्स स्कूल के हाथ में होते हैं।”सुसाइड नोट में लिखी दिल दहला देने वाली बातशौर्य के बैग से एक सुसाइड नोट भी मिला है,जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। नोट में उसने लिखा था कि उसे अपने इस कदम पर अफसोस है और उसके शरीर के अंग किसी जरूरतमंद को दान कर दिए जाएं।नोट में उसने उन शिक्षकों के नाम भी लिखे जिन्होंने कथित तौर पर उसे अपमानित किया था। लेकिन जो सबसे दर्दनाक बात उसने लिखी,वो थी-“मेरी आखिरी इच्छा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो,मैं नहीं चाहता कि कोई और बच्चा मेरे जैसा कुछ करे।”स्कूल के बाहर फूटा गुस्सा,लगे आरोपों के पोस्टरगुरुवार को स्कूल के बाहर कई माता-पिता, पूर्व छात्र और परिवार के दोस्त अपना गुस्सा और दुख जाहिर करने के लिए इकट्ठा हुए। शौर्य के सुसाइड नोट की कॉपियां स्कूल के गेट और दीवारों पर चिपका दी गईं,जिसे पढ़ने के लिए अभिभावकों की भीड़ लग गई।एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि जिस दिन यह घटना हुई,उस सुबह भी शौर्य को टखने में मोच के कारण डांस न कर पाने के लिए शिक्षकों ने धमकाया था।”कागजों पर हैं काउंसलर”: छात्रों ने उठाए सवालमौके पर मौजूद अभिभावकों और पूर्व छात्रों ने स्कूल के काउंसलिंग सिस्टम पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि स्कूल में काउंसलर सिर्फ “कागजों पर” हैं और छात्र उनसे अपनी समस्याएं बताने में सुरक्षित महसूस नहीं करते।पुलिस ने शुरू की जांचदिल्ली पुलिस की एक टीम ने स्कूल का दौरा कर छात्रों से बात की है और घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए हैं। एक अधिकारी ने बताया, “हमनेFIRमें नामजद शिक्षकों का विवरण ले लिया है और उन्हें जांच में शामिल होने के लिए जल्द ही समन भेजा जाएगा।”
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