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नौकरी का झांसा और फिर ‘जिस्म’ का सौदा : कोलकाता के दादा’ ने नौकरी के नाम पर युवती को रोहित को बेचा, नर्क जैसी जिंदगी से भागकर पुलिस तक पहुंची पीड़िता

कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में देह व्यापार के एक ऐसे संगठित और घिनौने साम्राज्य का पर्दाफाश हुआ है, जिसने खाकी वर्दी को भी हिलाकर रख दिया है। पश्चिम बंगाल की एक युवती को ‘अच्छी नौकरी’ का झांसा देकर ‘कोलकाता के दादा’ ने कानपुर के एक सफेदपोश दलाल रोहित वर्मा के हवाले कर दिया। यहां उसे किसी दफ्तर में नहीं, बल्कि होटलों के कमरों में कैद कर जिस्मफरोशी के नर्क में धकेल दिया गया। पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफलता पाई और सीधे पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंचकर अपनी रूह कंपा देने वाली आपबीती सुनाई।

नौकरी का झांसा और फिर ‘जिस्म’ का सौदा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल की यह युवती मुफलिसी के दौर से गुजर रही थी। तभी उसकी मुलाकात ‘कोलकाता के दादा’ नाम के एक शख्स से हुई। उसने युवती को सुनहरे भविष्य के सपने दिखाए और कानपुर भेज दिया। यहां उसे रोहित वर्मा के सुपुर्द किया गया, जिसने कुछ दिन तो उसे बहलाया लेकिन फिर असली रंग दिखाते हुए उसे बंधक बना लिया। युवती को अकेले बाहर निकलने की सख्त मनाही थी। उसे केवल होटलों के कमरों तक ले जाया जाता था और काम खत्म होते ही रोहित उसे वापस अपनी कैद में ले आता था।

IPS अफसरों की कमान में ‘ऑपरेशन क्लीन’

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तुरंत एक्शन लिया। एडीसीपी-क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी-लाइन शिवा सिंह और ट्रेनी आईपीएस सुमेध एम जाधव के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। शुक्रवार को पुलिस ने दबिश देकर इंदिरा नगर से मुख्य आरोपी रोहित वर्मा को दबोच लिया। पकड़े जाने पर रोहित पहले खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य सामने रखे तो उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। पुलिस की एक टीम अब ‘कोलकाता के दादा’ की गर्दन नापने के लिए पश्चिम बंगाल रवाना हो चुकी है।

बदनाम डायरी में 20 होटलों के नाम, न्यूज पोर्टल का मिला कार्ड

रोहित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के हाथ एक ऐसी डायरी लगी है जिसने शहर के कई रसूखदार होटल मालिकों की नींद उड़ा दी है। इस ‘बदनाम डायरी’ में करीब 20 होटलों के नाम और उनके मैनेजरों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी रोहित वर्मा के पास से एक न्यूज पोर्टल का आईडी कार्ड भी मिला है, जिसकी आड़ में वह इस काले धंधे को संरक्षण दे रहा था। कल्याणपुर और आसपास के इलाकों में स्थित इन होटलों के सीसीटीवी फुटेज और गेस्ट रजिस्टर पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं।

संगठित गिरोह और अंतरराज्यीय नेटवर्क

एडीसीपी-लाइन शिवा सिंह के मुताबिक, यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह है जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हैं। गिरोह का काम दूसरे राज्यों की गरीब युवतियों को फंसाकर लाना और उन्हें अलग-अलग शहरों के होटलों में ‘सप्लाई’ करना था। पुलिस अब रोहित के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। संबंधित 20 होटलों के संचालकों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है और उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

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