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ट्रंप का बयान: ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में अमेरिका को भी होना चाहिए शामिल

न्यूयॉर्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया में अमेरिका को शामिल किया जाना चाहिए। ट्रंप ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष तेज होता जा रहा है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन “अस्वीकार्य” होगा। अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ से बातचीत में ट्रंप ने यह सवाल उठाया कि क्या अमेरिका और इजराइल ईरान के इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह उखाड़ फेंकना चाहते हैं या केवल उसकी नीतियों में बदलाव चाहते हैं।

पश्चिम एशिया और उससे बाहर के कम से कम 14 देशों पर इस संघर्ष का असर दिखाई दे रहा है। अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमलों का आरोप लगाया, जिसे तेहरान ने खारिज किया। ईरान ने अपने जवाबी हमलों में इजराइल और अमेरिका के कई ठिकानों को निशाना बनाया और धमकी दी कि हिंद महासागर में उसके युद्धपोत पर टॉरपीडो हमला करने का अमेरिका को भारी पछताना पड़ेगा।

संघर्ष के बीच इजराइल ने हिजबुल्ला समर्थित क्षेत्रों में चेतावनी जारी करते हुए बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में बड़े पैमाने पर निकासी का परामर्श दिया। संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों ने सीमा पार होने वाले इजराइली सैनिकों की गतिविधियों के बीच दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की सूचना दी।

इस युद्ध में ईरान की सैन्य क्षमता, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम पर हमला किया गया है। ईरान ने जवाबी हमलों के दौरान अपने पड़ोसी अरब देशों को भी निशाना बनाया। इन हमलों से तेल आपूर्ति बाधित हुई और वैश्विक हवाई यात्रा प्रभावित हुई। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार संघर्ष में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक और इजराइल में लगभग दर्जन भर लोग मारे गए हैं। साथ ही छह अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।