उन्नाव (बांगरमऊ): उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बांगरमऊ के बहुचर्चित संत राममिलन दास हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपए के इनामी बदमाश इजराइल (45) को सोमवार तड़के पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान हुई थी संत की नृशंस हत्या
गौरतलब है कि बीते 9 जून को बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के घूरे टोला मोहल्ले में स्थित एक प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की देखरेख कर रहे संत राममिलन दास की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज और दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिसिया कार्रवाई के तहत इनमें से तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य साजिशकर्ता और शूटर इजराइल लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिस पर प्रशासन ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
तड़के 3:40 बजे ताजपुर अंडरपास के पास हुई मुठभेड़, दरोगा की जैकेट में लगी गोली
पुलिस प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 3:40 बजे स्थानीय थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक लाख का इनामी आरोपी इजराइल ताजपुर अंडरपास के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या भागने की फिराक में मौजूद है। सूचना मिलते ही सतर्क पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए इलाके की कड़े सुरक्षा घेरे में नाकेबंदी कर दी और आरोपी को चारों तरफ से घेरकर सरेंडर करने के लिए कहा।
पुलिस को सामने देख आरोपी इजराइल ने बचने के लिए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में एक गोली उपनिरीक्षक (SI) न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में जा लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। वहीं, एसओजी के जांबाज सिपाही विकास सिंह भदौरिया के हाथ में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी इजराइल को गोलियां लगीं और वह वहीं ढेर हो गया। घायल आरोपी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से तमंचा, कारतूस और मर्डर वेपन (चाकू) बरामद
मुठभेड़ खत्म होने के बाद फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने जब घटनास्थल की जांच की, तो वहां से कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। पुलिस ने मौके से एक 315 बोर का अवैध तमंचा, कई जिंदा व खोखा कारतूस तथा सबसे महत्वपूर्ण सबूत— संत राममिलन दास की हत्या में इस्तेमाल किया गया वही खून से सना चाकू बरामद किया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी व विधिक कार्रवाई की जा रही है।
संत की हत्या के बाद सुलग उठा था उन्नाव, हिंदू संगठनों ने किया था चक्काजाम
बांगरमऊ के प्रतिष्ठित संत राममिलन दास की निर्मम हत्या के बाद पूरे उन्नाव जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त जन आक्रोश फैल गया था। स्थानीय ग्रामीणों, संतों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया था। बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मात्र 6 दिन के भीतर ही पुलिस ने न सिर्फ अधिकांश आरोपियों को जेल भेजा, बल्कि मुख्य सरगना को भी मुठभेड़ में ढेर कर न्याय की मिसाल पेश की है। भाजपा और स्थानीय नेताओं ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
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