जिन गरीब और जरूरतमंद परिवारों का राशन कार्ड बनने का सपना लंबे समय से अधूरा था, उनके लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। अब गांवों में भी हजारों नए राशन कार्ड बनाने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है।
तो अचानक यह ‘चमत्कार’ कैसे हुआ?
दरअसल, अभी तक होता यह था कि गांवों में राशन कार्ड बनाने का सरकारी कोटा (लक्ष्य) लगभग पूरा हो चुका था। इसलिए, कोई भी नया पात्र व्यक्ति आवेदन करता भी, तो उसका कार्ड नहीं बन पाता था।
लेकिन अब सरकार की एक बड़ी कार्रवाई ने हजारों गरीबों के लिए यह बंद दरवाजा खोल दिया है।
अमीरों की ‘चालाकी’ पर चली सरकार की कैंची
सरकार ने जब जांच की, तो एक बड़ा ‘घोटाला’ सामने आया। पता चला कि हजारों की संख्या में ऐसे ‘अमीर’ लोग गरीबों के हिस्से का सस्ता राशन ले रहे थे, जो असल में इसके हकदार ही नहीं थे। ये लोग कौन हैं?
- वो लोग जो इनकम टैक्स (Income Tax) भरते हैं।
- वो लोग जिनके पास चार पहिया गाड़ियां (वाहन मालिक) हैं।
सरकार के नियमों के अनुसार, ऐसे लोग राशन कार्ड के लिए अपात्र (ineligible) हैं।
अब, सरकार के पास इन सभी इनकम टैक्स भरने वालों और गाड़ी मालिकों की पूरी लिस्ट आ गई है। जिला स्तर पर इन लोगों की पहचान के लिए सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही, इन 10,000 से भी ज्यादा अपात्र लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे।
गरीबों को कैसे मिलेगा फायदा?
जैसे ही इन अपात्र लोगों के कार्ड कटेंगे, उनका कोटा खाली हो जाएगा। इसी खाली हुई जगह पर अब 10,000 से भी ज्यादा नए और वास्तविक हकदार गरीब परिवारों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
यह उन गरीब परिवारों के लिए किसी लॉटरी लगने से कम नहीं है, जिन्हें अब तक कोटे का हवाला देकर मना कर दिया जाता था।
कैसे बनवाएं अपना नया राशन कार्ड?
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन के बाद, एक छोटी सी जांच (सत्यापन) होगी और अगर आप पात्र पाए गए, तो आपका राशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
एक जरूरी सलाह
अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी है कि कार्ड बनवाने के लिए किसी भी बाहरी व्यक्ति या दलाल के झांसे में न आएं और सीधे जनसेवा केंद्र पर जाकर ही आवेदन करें। यह प्रक्रिया बहुत ही सरल और पारदर्शी है।
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