
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS)के तहत प्राइवेट अस्पतालों में मिलने वाले कैशलेस इलाज को और आसान बनाने के लिए सरकार सोमवार, 13अक्टूबर से नए नियम लागू करने जा रही है। इस कदम से इलाज के लिए दर-दर भटकने और लंबी कागजी कार्यवाही की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी।अब नहीं करना होगा लंबा इंतजारअब तक होता यह था कि अगर किसीCGHSलाभार्थी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होना होता था,तो अस्पताल को पहलेCGHSविभाग से एक ऑथराइजेशन लेटर (सहमति पत्र) लेना पड़ता था,जिसमें काफी समय बर्बाद होता था। लेकिन अब इस प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है।नए नियमों के मुताबिक:ऑनलाइन होगी सारी प्रक्रिया:अस्पताल खुद ही मरीज की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेगा और24घंटे के अंदरCGHSविभाग से जरूरी मंजूरी ले लेगा। इससे मरीज और उनके परिवार वालों को किसी भी तरह की कागजी कार्यवाही के झंझट में नहीं पड़ना पड़ेगा।क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?सरकार को लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पतालCGHSकार्ड धारकों को कैशलेस सुविधा देने से मना कर देते हैं या फिर उन्हें इलाज के लिए लंबा इंतजार करवाते हैं। नए नियमों का मकसद इसी समस्या को जड़ से खत्म करना है ताकि हर लाभार्थी को समय पर और बिना किसी परेशानी के बेहतर इलाज मिल सके।यह फैसलाCGHS के तहत आने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों,पेंशनरों और उनके परिवार वालों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है,जिससे इमरजेंसी के समय में उन्हें बड़ी सहूलियत मिलेगी।
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