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जल्दी ‘सक्सेस’ चाहिए? जस्टिस सूर्यकांत की ये सलाह आज के हर कानून के छात्र को पढ़नी चाहिए

News India Live, Digital Desk : आजकल हम जिस दौर में जी रहे हैं, वहाँ हर किसी को ‘इंस्टेंट’ (Instant) नतीजे चाहिए। 2 मिनट में मैगी से लेकर रातों-रात वायरल होने वाले इन्फ्लुएंसर्स तक, सफलता की जल्दी सबको है। लेकिन क्या कानून के क्षेत्र में भी ऐसा मुमकिन है? इसी गंभीर सवाल का जवाब दिया है सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस सूर्यकांत ने।हाल ही में युवा वकीलों और लॉ स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने एक ऐसी बात कही, जो आज के हर युवा को गांठ बांध लेनी चाहिए। उन्होंने साफ़ लफ्जों में कहा कि, “वकालत का पेशा उन लोगों को बहुत कुछ देता है जो धैर्य रखते हैं, लेकिन अगर आप यहाँ सफलता का कोई ‘शॉर्टकट’ (Shortcut) ढूंढने आए हैं, तो यह रास्ता आपके लिए नहीं है।”वकालत सिर्फ काला कोट नहीं, तपस्या हैअक्सर छात्र जब कानून की पढ़ाई पूरी करके निकलते हैं, तो उनके मन में बड़ी गाड़ियां और आलीशान ऑफिस का सपना होता है। लेकिन हकीकत की कोर्ट में तालमेल बिठाना आसान नहीं होता। जस्टिस सूर्यकांत ने इसी ओर इशारा करते हुए बताया कि कानून की पढ़ाई कभी खत्म नहीं होती। जब आप वकालत की शुरुआत करते हैं, तो असली पढ़ाई कोर्ट रूम से शुरू होती है। यह पेशा ईमानदारी और कड़ी मेहनत का इनाम जरूर देता है, लेकिन उसमें समय लगता है।शॉर्टकट की संस्कृति पर कड़ा वारआज की ‘इंस्टेंट सक्सेस’ वाली सोच पर चोट करते हुए उन्होंने कहा कि वकालत में आप फाइलों के साथ वक्त गुजारकर ही सीखते हैं। जो वकील यह सोचते हैं कि वे बिना तैयारी के या किसी शॉर्टकट के जरिए बड़े केस जीत लेंगे, वे अंततः अपनी गरिमा और करियर दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं। कानून की मर्यादा और प्रोफेशन की नैतिकता (Ethics) को बनाए रखना ही सबसे बड़ी सफलता है।युवाओं के लिए गुरुमंत्रजस्टिस सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआत में भले ही संघर्ष बड़ा दिखे, लेकिन जो टिका रहता है, कामयाबी उसे ही मिलती है। यह पेशा समाज की सेवा और न्याय दिलाने का है, न कि केवल पैसा कमाने की मशीन। यदि आप कड़ी मेहनत करने का जज्बा रखते हैं और न्याय के प्रति आपकी सोच साफ है, तो यह करियर आपको वो सब कुछ देगा जिसकी आपने उम्मीद की थी।सीधी सी बात है चाहे कितनी भी आधुनिक तकनीक आ जाए, एक वकील की तर्कशक्ति और उसकी रिसर्च का कोई मुकाबला नहीं है। अगर आप लंबी रेस का घोड़ा बनना चाहते हैं, तो ‘शॉर्टकट’ के ख्याल को मन से निकाल दें।