सरसौल (कानपुर नगर)। अगर आप भी अपने नाबालिग बच्चों की जिद के आगे झुककर उन्हें बाइक या कार की चाबी सौंप देते हैं, तो सावधान हो जाइए। आपकी यह लापरवाही बच्चे की जान जोखिम में डालने के साथ-साथ आपको बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल सकती है। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अभिभावकों से बेहद भावुक और सख्त अपील करते हुए कहा है कि वे बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ न करें। उन्होंने साफ किया कि सड़कों पर मासूमों की सुरक्षा सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवार और समाज को भी अपनी साझा जिम्मेदारी निभानी होगी।
कानपुर में एक्शन मोड में प्रशासन: गंगा बैराज पर स्टंटबाजों की अब खैर नहीं
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की हाई-लेवल बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने बताया कि इस साल (2026 में) अब तक 12 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां नाबालिग बच्चे सड़कों पर फर्राटा भरते पकड़े गए और उनके खिलाफ चालान की सख्त कार्रवाई की गई।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने शहर के युवाओं के सबसे पसंदीदा ‘हैंगआउट ज़ोन’ गंगा बैराज क्षेत्र को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को आदेश दिया है कि गंगा बैराज पर जानलेवा बाइक स्टंट करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जाए। ऐसे स्टंटबाजों को चिन्हित कर न सिर्फ उनकी गाड़ियां सीज की जाएंगी, बल्कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी मुकदमा भी दर्ज होगा।
स्कूलों में बनेंगे ‘रोड सेफ्टी क्लब’, एक्सीडेंट स्पॉट पर 5 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस
सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए जिला प्रशासन ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद के सभी स्कूलों और कॉलेजों में ‘रोड सेफ्टी क्लब’ का गठन किया जाएगा, ताकि युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के जितने भी ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) हैं, वहां किसी भी हादसे की सूचना मिलते ही महज 5 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचनी चाहिए, ताकि घायलों को तुरंत मेडिकल बैकअप मिल सके।
घायलों के लिए ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज, मददगारों को मिलेंगे 25 हजार रुपये
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी और राहत भरी जानकारी साझा की। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कानपुर जनपद के 9 चिन्हित अस्पतालों में सड़क दुर्घटना के शिकार पात्र घायलों का 1.5 लाख रुपये (डेढ़ लाख रुपये) तक का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा।
इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘राहवीर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि यदि कोई नागरिक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का पहला घंटा) में सुरक्षित अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे सरकार की तरफ से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया और कानपुर की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव पेश किए।
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