
News India Live, Digital Desk : भाई साहब, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) कब क्या कर दे, इसका अंदाजा तो शायद भगवान को भी न हो। अभी हाल ही में एक खबर आई है जिसने क्रिकेट की दुनिया में फिर से हलचल मचा दी है। पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामीT20 सीरीज के लिए अपनी टीम का एलान कर दिया है।लेकिन रुकिए… टीम की लिस्ट देखकर आप अपना सिर खुजाने लगेंगे। जानते हैं क्यों? क्योंकि इस लिस्ट से टीम के चार सबसे बड़े “स्तंभ” गायब हैं।जी हाँ,बाबर आजम (Babar Azam),मोहम्मद रिजवान,शाहीन अफरीदी और रफ़्तार के जादूगरनसीम शाह/हारिस रऊफ (Key Senior Players) इस स्क्वॉड का हिस्सा नहीं हैं।अब सवाल यह है कि आखिर हुआ क्या? क्या इन्हें “ड्रॉप” कर दिया गया है या माजरा कुछ और है? आइए, जरा आसान भाषा में इस गुत्थी को सुलझाते हैं।ड्रॉप हुए या छुट्टी मिली? (The Real Reason)सबसे पहली बात, सोशल मीडिया पर चल रही ‘ड्रॉप’ होने वाली अफवाहों पर ब्रेक लगाइये। PCB ने इन खिलाड़ियों को खराब फॉर्म की वजह से बाहर नहीं किया है। असल वजह है’कमिटमेंट’ और ‘आराम’।आप जानते ही हैं कि इस वक़्त ऑस्ट्रेलिया मेंबिग बैश लीग (BBL) चल रही है। वहां की चमचमाती लाइट्स और स्टेडियम में ये चारों पाकिस्तानी सुपरस्टार्स अलग-अलग टीमों से खेल रहे हैं और खूब पैसा और नाम कमा रहे हैं। PCB ने इस बार थोड़ा ‘बड़ा दिल’ दिखाया है।बोर्ड का कहना है कि इन खिलाड़ियों के पास पहले से BBL के कॉन्ट्रैक्ट थे और बोर्ड नहीं चाहता था कि उन्हें बीच में बुलाकर कोई लफड़ा हो। सीधा मतलब यह है—”जाओ सिमरन, जी लो अपनी जिंदगी!” मतलब, “तुम लोग वहां लीग खेलो, हम यहां श्रीलंका के खिलाफ अपने नए लड़कों को आजमाते हैं।”तो अब कप्तानी कौन करेगा?जब ‘किंग बाबर’ और ‘रॉकेट शाहीन’ नहीं हैं, तो टीम की कमान किसके हाथ में होगी? इस बार बोर्ड ने एक सरप्राइज दिया है। टीम की कमानसलमान अली आगा (Salman Ali Agha) को सौंपी गई है। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा मौका (और इम्तिहान) है।मजे की बात यह है किशादाब खान, जो खुद बिग बैश खेल रहे थे, उन्हें वापस बुला लिया गया है। वहीं, कुछ नए चेहरे जैसेख्वाजा नफे को मौका दिया गया है। साफ़ लग रहा है कि PCB अबT20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी में जुटा है और अपनी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को चेक करना चाहता है।क्या यह ‘जोखिम’ भारी पड़ेगा?देखिए, सामने वाली टीम श्रीलंका है। और हम सब जानते हैं कि अपने दिन पर श्रीलंका किसी भी बड़ी टीम का बाजा बजा सकती है। ऐसे में बिना अपने चार मेन खिलाड़ियों के मैदान में उतरना पाकिस्तान के लिए खतरे से खाली नहीं है।यह एक दुधारी तलवार जैसा फैसला है। अगर युवा टीम जीत गई, तो वाहवाही होगी कि “वाह! नई टैलेंट मिल गई।” और अगर हार गए, तो फैंस PCB को कोसेंगे कि “लीग को देश से ऊपर क्यों रखा?”फैन की जुबानी (My Take)एक क्रिकेट फैन होने के नाते, यह देखकर अजीब लगता है कि नेशनल ड्यूटी से ज्यादा तरजीह विदेशी लीग्स को मिल रही है। लेकिन शायद मॉडर्न क्रिकेट का यही सच है। वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर अब रोटेशन होता रहेगा।खैर, 7 जनवरी 2026 से सीरीज शुरू हो रही है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘जूनियर पाकिस्तान’ टीम श्रीलंका के अनुभवी शेरों का सामना कर पाएगी या नहीं।आपको क्या लगता है दोस्तों?क्या बोर्ड का यह फैसला सही है? क्या बाबर और रिजवान के बिना पाकिस्तान मैच जीत पाएगा? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें!
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