लखनऊ/बीकेटी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बख्शी का तालाब (बीकेटी) थाना क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने न केवल भारत में अवैध घुसपैठ की, बल्कि यहां के सिस्टम में सेंध लगाकर मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक खाता, आधार कार्ड और तो और भारतीय पासपोर्ट तक हासिल कर लिया। इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के कान खड़े हो गए हैं।
साल 2012 में की थी भारत में एंट्री, सीतापुर को बनाया पहला ठिकाना
जांच ब्यूरो और पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस शातिर बांग्लादेशी नागरिक की पहचान अरूप बख्शी (पुत्र खोकोन बख्शी) के रूप में हुई है। आरोपी अरूप बख्शी साल 2012 में अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था। भारत आने के बाद उसने सबसे पहले सीतापुर जिले के महोली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम उदरौली को अपना ठिकाना बनाया। वहां रहते हुए उसने स्थानीय स्तर पर साठगांठ कर धीरे-धीरे भारतीय नागरिकता से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने शुरू कर दिए।
फर्जी दस्तावेजों के दम पर खरीदा प्लॉट, वकील के घर रहा किराए पर
सीतापुर में पैर जमाने के बाद आरोपी अरूप बख्शी ने लखनऊ का रुख किया। साल 2014-15 के दौरान उसने बीकेटी थाना क्षेत्र के अस्ती क्रॉसिंग के पास स्थित मां दुर्गापुरम कॉलोनी में एक स्थानीय अधिवक्ता मृत्युंजय सिंह चौहान के मकान में किराए पर रहना शुरू कर दिया। यहां रहते हुए उसने खुद को पूरी तरह भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित कर लिया। शातिर आरोपी यहीं नहीं रुका, उसने फरवरी 2019 में बीकेटी थाना क्षेत्र के ही ग्राम मामपुर बाना में करीब 800 वर्ग फीट जमीन भी खरीद डाली, ताकि कोई उस पर शक न कर सके।
18 पन्नों की रिपोर्ट ने खोला राज, बीकेटी थाने में मुकदमा दर्ज
मामले की भनक लगते ही बख्शी का तालाब पुलिस ने अंदरूनी तौर पर इसकी गहराई से पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आरोपी के इतिहास और उसके दस्तावेजों को खंगालते हुए कुल 18 पृष्ठों की एक विस्तृत और गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी। रिपोर्ट में इस बात का साफ जिक्र था कि आरोपी द्वारा बनवाए गए सभी पहचान पत्र और साल 2016 में जारी हुआ भारतीय पासपोर्ट पूरी तरह से अवैध और फर्जी हैं।
उच्चाधिकारियों से हरी झंडी मिलने और आदेश जारी होने के बाद 16 मई 2026 को बीकेटी थाने में तैनात उप निरीक्षक योगेंद्र कुमार की तहरीर पर आरोपी अरूप बख्शी के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने सभी फर्जी दस्तावेजों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। उच्च अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि इन फर्जी दस्तावेजों को बनाने में किन-किन स्थानीय लोगों या अधिकारियों ने उसकी मदद की थी।
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