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UP Cabinet Decisions: योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला! यूपी में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, मेट्रो विस्तार और भत्ते पर लगी मुहर, देखें 12 बड़े प्रस्ताव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को राज्य के विकास और चुनावी अड़चनों को दूर करने की दिशा में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर आयोजित कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 जनहित के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। इस बैठक में जहां एक तरफ करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों को पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खुशखबरी मिली है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों, मेट्रो यात्रियों और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी खजाना खोल दिया गया है। कैबिनेट के इन फैसलों से पूरे प्रदेश में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।

पंचायत चुनाव की कानूनी अड़चन दूर, ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला पंचायत) का इंतजार कर रहे लोगों के लिए सबसे बड़ी खबर आई है। चुनाव के रास्ते में आ रही सबसे बड़ी कानूनी बाधा को योगी सरकार ने समाप्त कर दिया है। कैबिनेट ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी का निर्धारण करने के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ (Dedicated OBC Commission) के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह आयोग सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ फॉर्मूले की वैधानिक बाध्यता को पूरा करेगा। इस पांच सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे, जबकि बाकी सदस्य पिछड़ा वर्ग के मामलों के विशेषज्ञ होंगे। आयोग का कार्यकाल छह महीने का तय किया गया है और इसकी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा।

भावी पशु चिकित्सकों को सौगात, इंटर्नशिप भत्ता सीधे तीन गुना बढ़ा

पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भी यह सोमवार बेहद मंगलमय साबित हुआ। योगी कैबिनेट ने प्रदेश के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों के मासिक इंटर्नशिप भत्ते (Stipend) को सीधे तीन गुना बढ़ाने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत अब इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को हर महीने मिलने वाले 4,000 रुपये के स्थान पर पूरे 12,000 रुपये दिए जाएंगे।

इस फैसले का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान (मथुरा), आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (कुमारगंज, अयोध्या) और सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (मेरठ) के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।

लखनऊ और आगरा में दौड़ेगी मेट्रो, नेटवर्क विस्तार के प्रस्ताव मंजूर

उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों, लखनऊ और ताजनगरी आगरा में मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने बेहद अहम कदम उठाए हैं। कैबिनेट की बैठक में दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई है, जिससे इन शहरों में यातायात और सुगम हो जाएगा।

लखनऊ मेट्रो: 5,801 करोड़ रुपये के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए MoU को हरी झंडी

राजधानी लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले 11.1 किलोमीटर लंबे ‘ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर’ (फेज-1बी) के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो चुका है। कैबिनेट ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के बीच होने वाले त्रिपक्षीय मेमोरेण्डम ऑफ अण्डरस्टैण्डिंग (MoU) के प्रारूप को अंतिम मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5,801.05 करोड़ रुपये है, जिसे केंद्र सरकार ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। इस त्रिपक्षीय समझौते में राज्य सरकार की भूमिका और वित्तीय हिस्सेदारी को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है, जिससे पुराने लखनऊ के लाखों नागरिकों को जल्द ही जाम से मुक्ति और विश्वस्तरीय सफर की सुविधा मिलेगी।

आगरा मेट्रो: कॉरिडोर-2 के लिए सेवायोजन कार्यालय की कीमती जमीन बिल्कुल मुफ्त

ताजनगरी आगरा में आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनने वाले मेट्रो कॉरिडोर-II के काम को रफ्तार देने के लिए सरकार ने एक अपवादस्वरूप बड़ा फैसला लिया है। मेट्रो स्टेशन और वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए आगरा की सदर तहसील के अंतर्गत आने वाली क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर की 550 वर्गमीटर नजूल भूमि को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।

जनहित की इस बड़ी परियोजना को देखते हुए योगी सरकार ने प्रभावी सर्किल दर पर पूरी तरह से छूट देते हुए यह कीमती जमीन मेट्रो कॉर्पोरेशन को बिल्कुल निःशुल्क (Free of Cost) ट्रांसफर करने की मंजूरी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनहित के कारण लिया गया यह फैसला केवल एक अपवाद है और इसे भविष्य में किसी अन्य मामले के लिए नजीर नहीं माना जाएगा।

मिर्जापुर में लगेगा 2,799 करोड़ का पावर प्लांट उपकेन्द्र, सुधरेगी बिजली सप्लाई

प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और नए प्रस्तावित पावर प्लांट्स से बिजली की समुचित निकासी के लिए कैबिनेट ने मिर्जापुर में 765/400 केवी पूलिंग उपकेन्द्र (एआईएस) और उससे संबंधित पारेषण लाइनों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस पूरी परियोजना पर कुल 2,799.47 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसमें से 1,315.91 करोड़ रुपये उपकेन्द्र निर्माण पर और 1,483.56 करोड़ रुपये पारेषण लाइनों के नेटवर्क पर खर्च होंगे। इस कॉमन पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के तैयार होने से उत्तर प्रदेश में घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली मिल सकेगी।

लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ में बनेगा 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर

राजधानी लखनऊ के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के गोमती नगर विस्तार (शहीद पथ) स्थित नवीन परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी विस्तार होने जा रहा है। कैबिनेट ने यहां 1,010 बेड वाले मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, टीचिंग ब्लॉक और नए ओपीडी ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दी है।

इस मेगा मेडिकल प्रोजेक्ट की कुल लागत 855.04 करोड़ रुपये (आठ अरब पचपन करोड़ चार लाख चौतीस हजार रुपये) है। इसमें 1,010 बेड के अस्पताल के साथ-साथ 200 सीटों की क्षमता वाला एक शिक्षण ब्लॉक भी बनेगा, जो चिकित्सा छात्रों को अत्याधुनिक शैक्षणिक माहौल देगा और मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा प्रदान करेगा।

प्रयागराज के टर्शियरी अस्पताल SRN परिसर का होगा महा-विस्तारीकरण

प्रयागराज मंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) का कायाकल्प और विस्तार होने जा रहा है। सन् 1961 में स्थापित इस अस्पताल में न केवल समीपवर्ती जिलों बल्कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से भी भारी संख्या में गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए कैबिनेट ने एसआरएन अस्पताल परिसर और महात्मा गांधी मार्ग से जुड़ी पूल्ड हाउसिंग की भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित करने का बड़ा निर्णय लिया है, जिससे अस्पताल के विस्तारीकरण के काम को गति मिलेगी।

यूपी में उच्च शिक्षा को नई उड़ान, मिर्जापुर के ग्रामीण अंचल में खुलेगी यूनिवर्सिटी

योगी सरकार ने राज्य के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक और बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ के तहत मिर्जापुर में निजी क्षेत्र के ‘सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी’ की स्थापना के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) जारी करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस फैसले से मिर्जापुर, सोनभद्र और आसपास के जिलों के छात्र-छात्राओं को अपने ही इलाके में रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सकेगी।

चुनार तहसील के समसपुर में 50.45 एकड़ पर बनेगा भव्य कैंपस

इस नए निजी विश्वविद्यालय का निर्माण मिर्जापुर की चुनार तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके ग्राम-समसपुर में किया जाएगा, जहां इसके लिए 50.45 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने मानकों की गहन जांच करने के बाद इस परियोजना को हरी झंडी देने की सिफारिश की थी, जिसे कैबिनेट ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

सख्त विधिक और वैधानिक नियमों के तहत मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार बेहद गंभीर है। यही वजह है कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना को ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ की कड़ी धाराओं (धारा-4, 5 और 6) और उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021 के नियम-14 के तहत पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मंजूरी दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस ग्रामीण अंचल में विश्वविद्यालय शुरू होने से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को भारी बल मिलेगा।