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बहराइच एनकाउंटर: आधी रात को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला महसी, पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर फिरोज ढेर होते-होते बचा, साथी फरार

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में शातिर अपराधियों और चोरों के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ ताबड़तोड़ जारी है। जिले के महसी इलाके में बीती रात क्राइम ब्रांच की स्वॉट (SWAT) टीम और रामगांव पुलिस की संयुक्त टीम की बदमाशों के साथ आमने-सामने की खूनी मुठभेड़ हो गई। इस सनसनीखेज एनकाउंटर में 50 हजार रुपये का इनामी और बौंडी थाने का शातिर हिस्ट्रीशीटर फिरोज पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। हालांकि, अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर उसका एक मुख्य साथी बाइक से भागने में सफल रहा। पुलिस ने घायल बदमाश को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया है और पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने बिछाया था चक्रव्यूह

जिले में पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही चोरी और नकबजनी की वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने कड़े निर्देश जारी किए थे। इसी क्रम में गठित स्पेशल टीम को एक बेहद पुख्ता इनपुट मिला। मुखबिर ने सूचना दी कि बीते 25 जून को बौंडी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान घायल हुए असलम गिरोह के दो फरार सदस्य भारी मात्रा में चोरी के जेवरात और अवैध हथियारों के साथ बाइक पर सवार होकर भकला गोपालपुर की तरफ आ रहे हैं। इस गोपनीय सूचना पर तत्काल एक्शन लेते हुए स्वॉट टीम और रामगांव पुलिस ने देर रात ही अकिलापुर चौराहा-भकला गोपालपुर रोड पर तगड़ी नाकेबंदी कर दी।

पुलिस पर झोंक दिया फायर, आत्मरक्षा में पुलिस ने भी चलाईं गोलियां

सड़क पर सन्नाटा पसरा था कि तभी पुलिस टीम को एक बाइक पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। अलर्ट मोड पर खड़ी पुलिस ने जब हाथ दिखाकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक रोकने के बजाय अपनी रफ्तार बढ़ा दी। खुद को पुलिस के जाल में फंसता देख बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से सीधे पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने सूझबूझ दिखाई और जवाबी कार्रवाई में मोर्चा खोल दिया। पुलिस की तरफ से हुई आत्मरक्षा में फायरिंग के दौरान एक गोली सीधे शातिर फिरोज के बाएं पैर में जा लगी, जिससे वह लहुलूहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसी अफरातफरी के बीच उसका दूसरा साथी बाइक को तेजी से भगाते हुए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गया।

जामातलाशी में मिले सोने के झाले, तमंचा और कारतूस

पुलिस ने जब घायल बदमाश को अपने कब्जे में लिया और नाम-पता पूछा तो उसने अपनी पहचान फिरोज पुत्र फौजदार निवासी मुड़कटी, थाना बौंडी के रूप में बताई। उसने फरार हुए अपने दूसरे साथी का नाम मुल्कराज बताया है। मौके पर जब पुलिस टीम ने फिरोज की तलाशी ली, तो उसके पास से ₹2040 नगद, पीली धातु के दो सोने के झाले (चोरी के जेवरात), दो चालू मोबाइल फोन, एक .315 बोर का अवैध देसी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

दर्जनों मुकदमों में वांछित था 50 हजार का इनामी फिरोज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पकड़ा गया फिरोज कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि वह बौंडी थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। वह कई मामलों में लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

एसपी ने किया घटनास्थल का मुआयना, फरार आरोपी की तलाश में दबिश

मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एसपी ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और मातहतों को जरूरी कानूनी दिशा-निर्देश दिए। घायल बदमाश फिरोज को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह 25 जून को बौंडी में पकड़े गए बदमाश असलम के ही गिरोह के बचे हुए सदस्य हैं। इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। फरार मुल्कराज की तलाश में पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत नया केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई तेज कर दी है।