लखनऊ। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया है। सरकार का मानना है कि जब शिक्षक सशक्त और चिंतामुक्त होगा, तभी प्रदेश का भविष्य उज्जवल बनेगा।
मानदेय में बंपर इजाफा: इसी महीने से लागू होगी नई दरें
योगी सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की है। नए निर्णय के अनुसार, अब शिक्षामित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि बढ़ी हुई मानदेय की दरें इसी महीने से लागू कर दी गई हैं। इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह दोगुना हो जाएगा।
AI और आधुनिक तकनीक से लैस होंगे गुरुजी
सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को तकनीकी रूप से स्मार्ट बनाने के लिए भी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। निपुण भारत मिशन के तहत 1.43 लाख शिक्षामित्रों को विशेष पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा, ‘आई गॉट’ (iGOT) प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक विषयों सहित 4,457 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। अब यूपी के सरकारी स्कूलों के शिक्षक IIT, IIM और इसरो (ISRO) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों से आधुनिक शिक्षा पद्धतियां सीखेंगे।
कैशलेस इलाज और पारदर्शी सेवा का संबल
शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार ने उन्हें और उनके परिजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया है। अब बीमारी की हालत में शिक्षकों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही, ‘मानव संपदा पोर्टल’ के जरिए तबादले, छुट्टी और सेवा संबंधी अन्य प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन बना दिया गया है, जिससे शिक्षकों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: ‘अरुणोदय’ से बदलेगी स्कूलों की सूरत
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार ‘अरुणोदय’ जैसे नवाचारों पर काम कर रही है। इसके जरिए छात्रों में नेतृत्व क्षमता और आधुनिक कौशल (Modern Skills) विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि शिक्षक ही समाज का शिल्पकार है, इसलिए उन्हें हर संभव संसाधन और सम्मान दिया जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को हर वर्ष राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कर उनका मनोबल भी बढ़ाया जा रहा है।
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