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बलरामपुर में बिजली विभाग का अजूबा: बिना बिजली मिले थमा दिए हजारों के बिल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, IGRS पर दर्ज कराई शिकायत

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से बिजली विभाग की घोर लापरवाही का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विकासखंड हरैया सतघरवा की ग्राम पंचायत भुसैलिया के कई मजरे (गांवों) में आज तक बिजली की एक किरण भी नहीं पहुंची है, लेकिन विभाग ने कागजों पर आपूर्ति दिखाकर ग्रामीणों को हजारों रुपये के बिजली बिल थमा दिए हैं। बिना बिजली इस्तेमाल किए घर आए भारी-भरकम बिलों को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खैरपुरवा, भवरही और महरनपुरवा के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने इस फर्जीवाड़े की जांच कर बिलों को तत्काल निरस्त करने और गांव में सही तरीके से बिजली चालू करने की मांग की है।

सौभाग्य योजना के तहत बिछी थी लाइन, पोल-तार जमीन पर हुए धराशायी

ग्रामीणों ने विभाग की पोल खोलते हुए बताया कि केंद्र सरकार की ‘सौभाग्य योजना’ के तहत ललिया से भवरही होते हुए खैरपुरवा गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए लाइन डाली गई थी। कागजों में तो इस योजना को पूरा दिखा दिया गया, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक इन गांवों को मुख्य ग्रिड से जोड़कर बिजली की सप्लाई शुरू ही नहीं की गई। देखरेख के अभाव में अब अधिकांश बिजली के खंभे (पोल) और तार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिर चुके हैं। इस अव्यवस्था के बावजूद, विभाग के लापरवाह रवैये के कारण उन ग्रामीणों के नाम से भी धड़ल्ले से बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं, जिनके घरों में कभी एक बल्ब भी नहीं जला।

आधार कार्ड लेकर लगाए थे मीटर, महाराजगंज तराई उपकेंद्र से होनी थी सप्लाई

प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि योजना की शुरुआत के समय विभागीय कर्मचारियों ने उनके पहचान पत्र व दस्तावेज लेकर घरों की दीवारों पर बिजली के मीटर टांग दिए थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनका घर भी रोशन होगा, लेकिन लाइन कभी चालू ही नहीं हुई। यह पूरी ग्रामीण विद्युत आपूर्ति 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र महाराजगंज तराई से प्रस्तावित थी, जो अब तक फाइलों में ही दफन है। लाइन चालू न होने के बावजूद घरों पर लगातार आ रहे बिलों के कारण गरीब ग्रामीणों के सामने कानूनी कार्रवाई का डर सताने लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी नाराजगी है।

पूर्व सांसद प्रत्याशी के नेतृत्व में प्रदर्शन, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज

मामले की भनक लगते ही वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ला एडवोकेट और मनमोहन तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरी समस्या का जायजा लिया और उनके समर्थन में उतर आए। नेताओं के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में गोमती प्रसाद, ननकू, मंगल प्रसाद, संदीप तिवारी, नीतीश, राजेंद्र प्रसाद, अरुण यादव सहित भारी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल रहे।

ग्रामीणों ने इस डिजिटल लूट के खिलाफ लामबंद होते हुए जिलाधिकारी (DM) बलरामपुर को एक विस्तृत प्रार्थना-पत्र भेजा है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है, जिसका संदर्भ संख्या 40018226011805 है। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच कर अवैध बिलों को माफ नहीं किया गया और धरातल पर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव कर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।