चंडीगढ़ में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी पंजाब कांग्रेस: राजा वड़िंग के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़ में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी पंजाब कांग्रेस: राजा वड़िंग के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन

देश भर में आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता चंडीगढ़ की सड़कों पर उतरकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कथित जनविरोधी आर्थिक नीतियों को उजागर करना और आम जनता, किसानों, व्यापारियों तथा मध्यम वर्ग को बढ़ती महंगाई से तत्काल राहत दिलाने की मांग उठाना है।

चौतरफा महंगाई और आम परिवार के बजट पर गहराता संकट

प्रदर्शन की रूपरेखा साझा करते हुए प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि आज देश और पंजाब का हर आम नागरिक महंगाई के अभूतपूर्व बोझ तले दबा हुआ है। आटा, दाल, खाद्य तेल, हरी सब्जियां, दूध और रसोई गैस सिलिंडर जैसी बुनियादी जरूरत की चीजों की कीमतें लगातार आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जहां एक तरफ बेरोजगारी के चलते लोगों की आय में भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर लगाए गए भारी जीएसटी और विभिन्न सरकारी टैक्सों ने मध्यम वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों की कमर तोड़कर रख दी है। चंडीगढ़ में होने वाले इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस पार्टी जनता की इस दबी हुई आवाज को सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुंचाने का काम करेगी।

केंद्र और मान सरकार दोनों पर तीखा राजनीतिक हमला

पंजाब कांग्रेस का यह प्रदर्शन केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य की भगवंत मान सरकार की नीतियों पर भी सीधा प्रहार करेगा। पीपीसीसी अध्यक्ष राजा वड़िंग और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल रही है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पंजाब में मुफ्त बिजली के चुनावी वादे के नाम पर भारी भरकम कर्ज लिया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर छिपे हुए सेस, बिजली के फिक्स चार्ज और पेट्रोल-डीजल पर राज्य वैट बढ़ाकर जनता की जेब से दोगुना पैसा वसूला जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि राज्य में व्यापार और विनिर्माण उद्योग बिजली संकट और स्थानीय करों की मार से जूझ रहा है, जिससे हजारों स्थानीय नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। इस दोहरे मोर्चे पर कांग्रेस केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को कठघरे में खड़ा करेगी।

चंडीगढ़ में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन और प्रशासनिक तैयारियां

चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले इस बड़े विरोध मार्च के लिए पंजाब के सभी तीनों प्रमुख क्षेत्रों—माझा, मालवा और दोआबा—से जिला कांग्रेस कमेटियों, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भारी संख्या में चंडीगढ़ पहुंचने का आह्वान किया गया है।

कार्यक्रम के तहत पंजाब कांग्रेस भवन (सेक्टर-15) से एक विशाल रोष मार्च शुरू होकर पंजाब सिविल सचिवालय और राजभवन की ओर कूच करेगा। हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पंजाब और चंडीगढ़ सीमा पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित रहे। वहीं चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन के मार्ग को देखते हुए प्रमुख चौराहों के लिए वैकल्पिक डायवर्जन प्लान भी तैयार किया है।

राहत पैकेज और टैक्स में कटौती की प्रमुख मांगें

कांग्रेस पार्टी ने इस आंदोलन के जरिए सरकारों के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए अतिरिक्त वैट और केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि माल ढुलाई सस्ती हो सके और वस्तुओं के दाम घटें।

  • घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों को घटाकर आम परिवारों के अनुकूल बनाया जाए।

  • आटा, दाल, पैकेज्ड दूध और दैनिक खाद्य उत्पादों से जीएसटी की दरें शून्य या न्यूनतम की जाएं।

  • पंजाब के घरेलू उपभोक्ताओं और लघु उद्योगों पर लगाए गए अतिरिक्त बिजली अधिभार (Cess) और फिक्स्ड चार्जेस को तुरंत वापस लिया जाए।

  • कृषि लागत बढ़ने के कारण किसानों को खाद, कीटनाशक और बीज पर विशेष राहत पैकेज और सब्सिडी दी जाए।

पंजाब की सियासत में कांग्रेस के इस कदम के मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंडीगढ़ में यह महाप्रदर्शन पंजाब कांग्रेस द्वारा अपने कैडर को जमीनी स्तर पर दोबारा एकजुट और सक्रिय करने की एक सोची-समझी रणनीति है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राजनीतिक हलचलों के बीच कांग्रेस खुद को राज्य में आम जनता के असली पैरोकार और मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित करना चाहती है।

महंगाई जैसे सीधे जनता से जुड़े मुद्दे को उठाकर पार्टी न केवल शहरी मध्यम वर्ग, बल्कि ग्रामीण अंचलों के किसानों और मजदूरों के बीच भी अपनी पकड़ को मजबूत कर रही है। राजा वड़िंग की अगुवाई में यह प्रदर्शन यह साबित करने की कोशिश है कि पंजाब कांग्रेस राज्य की जनता के बुनियादी अधिकारों और आर्थिक सुरक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक लगातार संघर्ष करने को तत्पर है।

Latest Posts