चेतेश्वर पुजारा की ऑल-टाइम टीममेट्स XI ने मचाया तहलका: एमएस धोनी, रोहित शर्मा और रहाणे को बाहर कर चौंकाया; 5 एक्टिव सितारों को मिली जगह

चेतेश्वर पुजारा की ऑल-टाइम टीममेट्स XI ने मचाया तहलका: एमएस धोनी, रोहित शर्मा और रहाणे को बाहर कर चौंकाया; 5 एक्टिव सितारों को मिली जगह

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे जुझारू और तकनीक के धनी बल्लेबाजों में शुमार चेतेश्वर पुजारा ने अपने शानदार करियर के दौरान साथ खेले खिलाड़ियों को मिलाकर एक ऑल-टाइम टीममेट्स प्लेइंग 11 का चयन किया है। 100 से अधिक टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले और अनगिनत ऐतिहासिक जीतों के सूत्रधार रहे पुजारा की इस ड्रीम टीम ने सामने आते ही क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। पुजारा ने अपनी इस खास प्लेइंग 11 में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, 'द वॉल' राहुल द्रविड़ और आक्रामक ओपनर वीरेंद्र सहवाग जैसे सर्वकालिक महान दिग्गजों को जगह दी है। लेकिन इस चयन का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि उन्होंने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय कप्तान एमएस धोनी, आधुनिक युग के दिग्गज रोहित शर्मा और लंबे समय तक टेस्ट मध्यक्रम में उनके भरोसेमंद साथी रहे अजिंक्य रहाणे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। इसके साथ ही पुजारा ने वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे 5 एक्टिव खिलाड़ियों पर गहरा भरोसा जताया है।

पुजारा की ऑल-टाइम टीममेट्स इलेवन में बड़ा उलटफेर: धोनी, रोहित और रहाणे जैसे दिग्गजों को नहीं मिली जगह

चेतेश्वर पुजारा ने साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने 13 साल से अधिक के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट सर्किट में विभिन्न क्लबों की ओर से खेलते हुए पुजारा ने खेल के कई महानतम दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है। जब उनसे अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ साथियों को चुनकर एक आदर्श 11 बनाने को कहा गया, तो उन्होंने निजी रिश्तों और स्टारडम से परे जाकर विशुद्ध रूप से कौशल और प्रभाव को प्राथमिकता दी।

क्रिकेट पंडितों और फैंस को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उन्होंने अपनी टीम में पूर्व कप्तान एमएस धोनी को जगह नहीं दी। धोनी वही कप्तान थे जिनके नेतृत्व में पुजारा ने टेस्ट डेब्यू किया था और अपनी शुरुआती पहचान बनाई थी। पुजारा ने विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में धोनी के बजाय अन्य विकल्पों को तरजीह दी। इसके अलावा सफेद गेंद के महानायक और वर्तमान टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा को बाहर रखना भी चौंकाने वाला रहा, जिनके साथ पुजारा ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वर्षों तक पारी की शुरुआत और मध्यक्रम को संभाला था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के साथी रहे अजिंक्य रहाणे को भी 11 में जगह नहीं मिल पाई, क्योंकि मध्यक्रम में पहले से ही दिग्गजों की भरमार थी।

5 एक्टिव स्टार्स को मिली जगह: कोहली, अश्विन और जडेजा पर जताया अटूट भरोसा

पुजारा की इस चुनी गई ऑल-टाइम एकादश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आधुनिक दौर के 5 एक्टिव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। विराट कोहली, जिनके नेतृत्व में पुजारा ने अपने करियर के सबसे स्वर्णिम और आक्रामक वर्ष बिताए, टीम के मध्यक्रम का सबसे बड़ा स्तंभ हैं। कोहली और पुजारा की जोड़ी ने घरेलू मैदानों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की कठिन पिचों पर कई ऐतिहासिक और मैच जिताऊ साझेदारियां निभाई हैं।

इसके अलावा पुजारा ने अपनी स्पिन और बॉलिंग ऑलराउंडर यूनिट में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की विश्वविख्यात जोड़ी पर आंख मूंदकर भरोसा जताया है। अश्विन और जडेजा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे सफल स्पिन जोड़ियों में से एक हैं और पुजारा ने इनके साथ सौराष्ट्र और भारतीय टीम के लिए सैकड़ों मैच खेले हैं। पुजारा का मानना है कि भारतीय उपमहाद्वीप की टर्निंग पिचों पर अश्विन की चतुराई और विविधता तथा जडेजा की अचूक सटीकता और लोअर-ऑर्डर बल्लेबाजी किसी भी टेस्ट टीम को अजेय बनाती है।

तेज गेंदबाजी आक्रमण में पुजारा ने वर्तमान समय के दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और सीम बॉलिंग के उस्ताद मोहम्मद शमी को चुना है। बुमराह की यॉर्कर, गति और अनऑर्थोडॉक्स एक्शन तथा शमी की सीम पोजिशन और रिवर्स स्विंग हासिल करने की काबिलियत ने भारतीय टेस्ट टीम को विदेशों में लगातार जीत दिलाई है, जिसका हिस्सा पुजारा खुद लंबे समय तक रहे हैं।

दिग्गजों से सजा टॉप ऑर्डर और गेंदबाजी आक्रमण: सहवाग, सचिन और द्रविड़ की मौजूदगी

पुजारा द्वारा चुने गए बल्लेबाजी क्रम की शुरुआत टेस्ट क्रिकेट के सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग से होती है। सहवाग का खौफ विपक्षी गेंदबाजों के मन में किस कदर होता था, इसे पुजारा ने बेहद करीब से देखा है। सहवाग के साथ ओपनिंग स्लॉट में ठोस तकनीक वाले बल्लेबाज को रखा गया है जो नई गेंद की चमक को उतार सके।

नंबर 3 पर राहुल द्रविड़ और नंबर 4 पर सचिन तेंदुलकर की मौजूदगी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के हौसले पस्त करने के लिए काफी है। खुद पुजारा को द्रविड़ का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना गया और उन्होंने कई मैचों में द्रविड़ के साथ ड्रेसिंग रूम और क्रीज शेयर की है। सचिन तेंदुलकर के क्रिकेटिंग ज्ञान, अनुशासन और 100 शतकों के अनुभव को पुजारा ने इस टीम की सबसे मजबूत रीढ़ बताया है। मध्यक्रम में वीवीएस लक्ष्मण जैसे कलात्मक बल्लेबाज की मौजूदगी मुश्किल परिस्थितियों में मैच बचाने और जीतने का भरोसा देती है।

गेंदबाजी विभाग में पुजारा ने रफ्तार, स्विंग और विविधता का बेजोड़ तालमेल बिठाया है। बाएं हाथ के पूर्व महान तेज गेंदबाज जहीर खान को नई और पुरानी गेंद से स्विंग कराने की क्षमता के कारण टीम का मुख्य पेसर बनाया गया है। जहीर, बुमराह और शमी की तिकड़ी दुनिया के किसी भी मैदान पर 20 विकेट चटकाने का माद्दा रखती है।

चेतेश्वर पुजारा की ऑल-टाइम टीममेट्स XI की पूरी लिस्ट

पुजारा द्वारा चुनी गई संतुलित और घातक प्लेइंग 11 इस प्रकार है:

  • वीरेंद्र सहवाग (सलामी बल्लेबाज)

  • मुरली विजय / एलिस्टर कुक (सलामी बल्लेबाज)

  • राहुल द्रविड़ (शीर्ष क्रम बल्लेबाज)

  • सचिन तेंदुलकर (मध्यक्रम बल्लेबाज)

  • विराट कोहली (मध्यक्रम बल्लेबाज)

  • वीवीएस लक्ष्मण (मध्यक्रम बल्लेबाज)

  • रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर)

  • रवींद्र जडेजा (स्पिन ऑलराउंडर)

  • रविचंद्रन अश्विन (ऑफ स्पिनर)

  • जहीर खान (तेज गेंदबाज)

  • जसप्रीत बुमराह (तेज गेंदबाज)

  • मोहम्मद शमी (12वें खिलाड़ी / अतिरिक्त तेज गेंदबाज)

पुजारा के चयन पर विशेषज्ञ विश्लेषण: संतुलित टेस्ट टीम बनाने का प्रयास

क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि पुजारा ने यह टीम किसी टी20 या वनडे लीग की लोकप्रियता को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से एक 5 दिवसीय क्लासिक टेस्ट मैच जीतने के नजरिए से चुनी है। टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर का प्राथमिक काम स्टंप्स के पीछे असाधारण रूप से सुरक्षित होना होता है, और यही वजह रही कि उन्होंने रिद्धिमान साहा को धोनी के ऊपर तरजीह दी, क्योंकि साहा को भारतीय पिचों पर स्पिनर्स के खिलाफ दुनिया का सबसे तकनीकी विकेटकीपर माना जाता रहा है।

रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे की गैरमौजूदगी को लेकर भले ही सोशल मीडिया पर फैंस के बीच बहस छिड़ी हो, लेकिन अगर पुजारा के टॉप-6 पर नजर डाली जाए—सहवाग, द्रविड़, सचिन, कोहली और लक्ष्मण—तो इनमें से किसी भी दिग्गज को बाहर करना किसी भी क्रिकेट समीक्षक के लिए लगभग नामुमकिन है। पुजारा की यह ड्रीम टीम अनुभव, धैर्य, आक्रामकता और तकनीकी श्रेष्ठता का ऐसा अद्भुत मिश्रण है जो टेस्ट क्रिकेट के किसी भी युग में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एकादश साबित हो सकती है।

Latest Posts